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263 करोड़ रुपये से होगा जिले का विकास
सड़कों के निर्माण और रोजगार कार्यक्रम पर सबसे ज्यादा रकम होगी खर्च
प्रभारी मंत्री मुकुट बिहारी की अध्यक्षता में जिला योजना समिति की बैठक में लगी मुहर
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। जिले के विकास को अब और तेज रफ्तार मिलेगी। शुक्रवार को जिले के प्रभारी, सहकारिता मंत्री मुकुटबिहारी वर्मा ने गांधी सभागार में हुई बैठक में 263.84 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की योजनाओं को मंजूरी दे दी। प्रस्तावित योजनाओं में इस बार रोजगार कार्यक्रम और सड़क व पुल बनाने पर ज्यादा जोर दिया गया है। रोजगार कार्यक्रम के लिए 69.8 करोड़ और सड़क व पुल के लिए दो करोड़ रुपये के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई है।
बैठक में जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी नरेंद्र सिंह यादव ने जिला योजना में विभिन्न विभागों के लिए प्रस्तावित बजट को प्रभारी मंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया। बताया गया कि पिछले साल 250.67 करोड़ की जिला योजना स्वीकृत की गई थी। इसके सापेक्ष 189.09 करोड़ रुपये बजट जारी हुआ। यह पूरी धनराशि विकास कार्यों में खर्च कर दी गई। इस सत्र 2018-19 के लिए इसे 250.67 करोड़ से बढ़ाकर 263.84 करोड़ किया गया है। हर विभाग के लिए आवंटित बजट को क्रमवार पढ़कर सुनाया गया। इस बाद विभागों के बजट की समीक्षा के बाद प्रभारी मंत्री ने प्रस्तावित बजट का मंजूरी दे दी।
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अफसरों के कसे पेच, विधायक भी नहीं चूके
जिला योजना की बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री मुकुट बिहारी ने स्वच्छता के मामले में अफसरों के पेच कसे। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के मामले में जिले को बेहतर बनाने के लिए जनता की सहभागिता के साथ बैठक में मौजूद सभी अफसर जनप्रतिनिधियों का सहयोग लें। प्रभारी मंत्री ने आवास और शौचालयों में किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा ने कहा कि अफसर अगर संजीदा हो जाएं तो व्यवस्थाएं अपने बदल जाएंगी। विधायक ने सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं के लिए पशुशाला खोलने प्रस्ताव रखा। जिला पंचायत सदस्य मंजीत सिंह ने कहा कि गत वर्ष के मुकाबले इस बार पशुधन का बजट कम है, इसको बढ़ाया जाना चाहिए। सीएमओ ने भीखारीपुर और ईटगांव की पीएचसी के निर्माण को बजट दिलाने की मांग की।
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मंत्री के आने पर भी गुल रही बिजली
जिला योजना समिति की बैठक के बाद मंत्री तो निकल गए लेकिन सीडीओ ने बिजली विभाग के एक्सईन को रोककर बेपटरी बिजली व्यवस्था पर चुटकी ली। बृहस्पतिवार रात प्रभारी मंत्री शहर में रुके थे। इस दौरान रात भर बिजली के आने-जाने का सिलसिला जारी रही। इस बात से खफा सीडीओ वीके भागवत ने बैठक के बाद एक्सईन को बुलाया और चुटकी लेते हुए कहा कि प्रभारी मंत्री का कार्यक्रम होने की जानकारी के बाद भी बिजली की व्यवस्था दुरुस्त नहीं करा सके। इसपर एक्सईन चुप्पी साधकर निकल गए।
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इन विभागों का भेजा प्रस्तावित बजट
69.8 करोड़ रोजगार कार्यक्रम के लिए, दो करोड़ सड़क व पुल के लिए पीडब्लूडी को, 1014.80 करोड़ गन्ना विकास विभाग को, ग्रामीण स्वच्छता के लिए 74.82 करोड़, समाज कल्याण विभाग को 2761.66 करोड़, ग्रामीण आवास के लिए 5105.60 करोड़, पशुपालन को 32 लाख, वन विभाग को 25 लाख, पंचायती राज विभाग को 65 लाख, ऊर्जा स्त्रोत के लिए 25 लाख आदि विभागों का 263.84 करोड़ के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है।