सूफी संत सेल्हा मियां के सालाना उर्स में सोमवार को मेला परिसर अकीदतमंदों से भरा रहा। दोपहर बाद चादरों का जुलूूस निकाला गया। शाम को छोटा कुलशरीफ की रस्म अदा की गई। जायरीन की बढ़ती भीड़ के चलते मेला स्थल तक आने वाले मार्गों पर दिन व रात में कई बार जाम की स्थिति पैदा होती रही।
बराही रेंज में जंगल से सटे सेल्हा गांव स्थित सेल्हा मियां के दरगाह पर चल रहे उर्स में सोमवार को जायरीनों का भारी सैलाब उमड़ा। सर्वधर्म की आस्था का केंद्र बने इस दरगाह स्थल पर प्रदेश समेत देश के कोने-कोने से जायरीनों के पहुंचने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। सोमवार को दोपहर बाद चादरों का जुलूस निकाला गया। जिसमें कव्वाल नात पढ़ते चल रहे थे। देर शाम दरगाह पर चादरों के चढ़ाने के साथ छोटे कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। इस दौरान मुल्क व कौम की तरक्की के लिए दुआ फरमाई गई। दरगाह स्थल पर सारी रात अकीदतमंदों ने पंडाल में कव्वालियों का आनंद लिया। इधर उर्स के दौरान जाम की स्थिति पैदा न हो, इसको लेकर प्रमुख चौराहों पर पुलिस की ड्यूटी लगाई गई। रविवार देर शाम से सोमवार सुबह तक वाहनों का आवागमन होता रहा। वहीं बाइफरकेशन ने सिंचाई विभाग द्वारा पुल पर टोल टैक्स वसूलने के चलते कई-कई बार जाम की स्थिति का सामना करना पड़ा। वहीं बढ़ती भीड़ के चलते दुकानदारों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी। मेले में महिलाओं व बच्चों ने जमकर खरीदारी की। इधर वन विभाग भी पूरी तरह चौकस रहा। मेला कमेटी के प्रबंधक अब्दुल हफीज ने बताया कि 13 मार्च को आखिरी कुल शरीफ की रस्म के साथ उर्स का समापन होगा।