खेकड़ा (बागपत)।
आम बजट को लेकर किसानों, व्यापारियों एवं गृहणियों ने मिली जुली प्रतिक्रिया व्यक्त की। इस दौरान किसी ने बजट को आम आदमी के हित में बताया तो किसानों ने दिखावा मात्र कहा।
बृहस्पतिवार को संसद में वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किए बजट को लेकर व्यापारी राजू गुप्ता ने कहा कि बजट आम आदमी के हितों को ध्यान में रखकर पेश किया। इससे सभी को विभिन्न मदों के माध्यम से राहत दी । व्यापारी जैनवीर जैन ने कहा कि बजट व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखकर नहीं बनाया गया। व्यापारी अश्वनी कौशिक ने कहा स्वास्थ्य पालिसी पर पहले टेक्स नहीं था। अब पचास हजार से ऊपर की स्वास्थ्य पालिसी पर सरकार ने कर लगाकर मध्यम वर्ग को स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित करने वाला कदम उठाया है। अन्य कर भी आम जनता के हितों का ताक पर रखकर लगाए गए हैं। इसका सीधा असर मध्यम एवं गरीब वर्ग पर ही पडे़गा।
किसान चौधरी भोपाल सिंह ने कहा सरकार हर बार बजट को किसानों का हितकारी बताती है। और लंबे चौडे़ दावे भी किए जाते हैं, लेकिन आज तक आम किसान को बजट से कुछ नहीं मिल पाया। किसान कर्ज में दबकर आत्म हत्या तक करने को मजबूर है। सरकार को पहले कर्ज में डूबे किसानों का समस्त कर्ज माफ कर देना चाहिए। किसान ओमपाल सिंह धामा, हरि सिंह धामा, दिनेश यादव का कहना है कि किसानों को बजट से कोई लाभ आज तक नहीं हुआ। न ही भविष्य में होने की उम्मीद है। सरकार किसानों के गन्ने के बकाये का भुगतान तक तो करा नहीं रही है। बजट किसान को लुभावन वाला ही है। ग्रहणी रीना जैन ने कहा महिलाओं की रसोई की तरफ सरकार ने नहीं देखा। उन्हें महंगाई के चलते रसोई चलाना मुश्किल हो रहा है। लगातार गैस सिलेंडर एवं अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ रही है। उन पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने कोई कदम बजट के माध्यम से नहीं उठाया। ग्रहणी नीतू जैन, सरिता का कहना है कि सरकार वैसे तो महिलाओं की हितैषी होने का दावा करती है। महिलाओं की रसोई से लेकर सुरक्षा आदि के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। उन्हें सरकार से काफी उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने गृहणियों के लिए बजट में कुछ नहीं दिया।