पीलीभीत। फसल ऋण मोचन के प्रथम चरण में मात्र 8719 किसानों को ही लाभ मिलेगा। जिला स्तर से शासन को भेजा गया डाटा फिल्टर होने के बाद वापस आ गया है। इसमें मात्र 8719 किसान ही ऐसे पाए गए हैं जिसकी भूलेख मैपिंग एवं आधार दोनों फीड पाए गए। जबकि लगभग नौ हजार ऐसे किसान हैं जिनका भूलेख मैपिंग तो है लेकिन आधार लिंक नहीं है। आधार लिंक होने पर इन किसानों को भी लाभ मिल सकता है।
प्रदेश की योगी सरकार ने किसानों का ऋण माफ करने के लिए फसल ऋण मोचन योजना शुरू की थी। इसके तहत पहले बैंकों से ऋण लेने वाले पांच एकड़ तक के किसानों की सूची प्राप्त कर एनआईसी के माध्यम से ऑनलाइन फीड कराई गई थी। इस प्रक्रिया को भूलेख मैपिंग कहा गया। इसके साथ ही किसानों का आधार भी बैंक खाते से लिक कराया गया। फीडिंग के बाद शासन को जिले से लगभग 91 हजार किसानों का डाटा भेजा गया। शासन स्तर पर सॉफ्टवेयर के माध्यम से इसे कई स्तर पर फिल्टर किया गया। फिल्टर होने के बाद लगभग 1700 किसानों का डाटा ऋण माफी के योग्य पाया गया। इनमें से 8719 हजार किसान ऐसे में जिनकी भूलेख मैपिंग एवं आधार लिक पाए गए जबकि 9487 किसान ऐसे थे जिनका आधार लिंक नहीं था। शासन से प्राप्त इस सूची का अब राजस्व विभाग से परीक्षण कराया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने सूची को सभी तहसीलों में भेज दिया है। जांच के बाद प्रथम सूची के 8719 का डाटा शासन को भेज कर धनराशि की डिमांड की जाएगी जबकि शेष 9487 खातों को आधार लिंक कराने का प्रयास किया जाएगा। योजना के नोडल अधिकारी जिला कृषि अधिकारी उमेश साहू ने बताया ऋण प्राप्त करने वाले किसान अपने खातों को आधार से लिंक कराकर लाभ हासिल कर सकते हैं।