पूरनपुर (पीलीभीत)। शारदा नदी उफनाने से नदी किनारे के 30 गांव जलमग्न हो गए। गांवों में तीन से पांच फुट तक पानी भरा गया। बाढ़ में फंंसे 250 लोगों को एनडीआरएफ की दो टीमों ने बमुश्किल बाहर निकाला। करीब पांच सौ लोग अब भी फंसे हुए है। बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए एनडीआरएफ की दो टीमों, पीएसी को लगाया गया है। प्रशासन ने बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए हेलीकाॅप्टर की मांग की है। बाढ़ प्रभावित अधिकांश गांवों के घरों में पानी भरने से चूल्हे नहीं जल सके हैं।
बनबसा बैराज से पास किए गए पानी से उफनाई शारदा से नदी किनारे के 30 गांवों में पानी घुस गया। आधी रात के बाद लोगों ने घरों की छतों और ऊंचे स्थानों पर शरण लेनी शुरू कर दी। सुबह होते ही गांवों में तीन से पांच फुट तक पानी भर गया। शारदा नदी के पार के गांव बैल्हा, अशोकनगर, चंद्रनगर, राणा प्रतापनगर, आजाद नगर, टाटरगंज, बाजार घाट, राघवपुरी, कंबोजनगर, शास्त्रीनगर, बहादुर नगर सहित आसपास के गांवों में सर्वाधित जलभराव है।
नदी के इस पार के गांवों चंदिया हजारा, राहुलनगर, ढक्काचांट, कॉलोनी नंबर छह सहित आसपास गांवों में जलभराव है। तहसीलदार वीरेंद्र कुमार ने बताया कि शारदा पार के गांव सिद्धनगर में फंसे 250 लोगों को एनडीआरएफ की टीम ने बाहर निकाल लिया। अब भी जिन स्थानों से फंसे लोगों की सूचना मिल रही है, उनको एनडीआरएफ टीम बाहर निकलवा रही है।
उन्होंने बताया कि बाढ़ में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए हेलिकाॅप्टर और स्टीमर की मांंग की गई है। नदी के इस ओर के गांवों में फंसे कई लोगों को ट्रैक्टर-ट्राॅलियों से बाहर निकाला गया। गांव चंदिया हजारा के प्रधान वासुदेव कुंडू ने बताया कि गांव राहुलनगर मजदूर बस्ती में अभी पांच सौ लोगों के फंसे होने की जानकारी मिली है। फंसे लोगों को बाहर निकलालने के लिए बरेली से स्टीमर मंगवाए जाने की जानकारी अफसरों ने दी है।
फंसे लेखपाल को एनडीआरएफ टीम ने निकाला
तहसीलदार वीरेंद्र कुमार ने बताया कि लेखपाल खेमकरन लाल भी शारदा नदी पार की बाढ़ में फंस गए। सूचना पर एनडीआरएफ टीम को भेजकर उन्हे सुरक्षित बाहर निकलवाया गया।
प्रसव से तड़प रही महिला को भिजवाया पलिया
शारदा नदी के पार गांव नहरोसा और आसपास भी जलभराव से आवागमन के साधन बंद हो गए। तहसीलदार वीरेंद्र कुमार ने बताया कि गांव नहरोसा निवासी सीमा को प्रसव पीड़ा के चलते स्वास्थ्य केंद्र तक न पहुंच पाने की सूचना पर टीम लगाकर उसे सुरक्षित रास्तों से लखीमपुर के पलिया तहसील में भिजवाया गया।
बाढ़ खंड की नाव डूबी
शारदा नदी में चल रहे चेनेलाइजेशन के कार्य के चलते बाढ़ खंड की नाव भी नदी में डूब गई। गांव राहुलनगर के फंसे लोगों को नाव के सहारे निकालने की तैयारी पर नाव लेने पहुंचे प्रधान को इसकी जानकारी हुई।
बिजली, आवागमन, संचार सुविधा ठप
बाढ़ प्रभावित गांवों में बिजली आपूर्ति दुर्घटना की आशंका पर काट दी गई है। सड़कों पर जलभराव से आवागमन भी नहीं हो पा रहा है। चंदिया हजारा, राहुलनगर आदि गांवोंं को जाने वाले धनाराघाट रोड पर हरीपुर जंगल में कई पेड़ गिरने से आवागमन बंद हो गया है। जंगल में सड़क पर गिरे पेड़ों को वन विभाग ने लोगों के सहयोग से बमुश्किल हटवाया गया है।
गांव चंदिया हजारा के समीप ट्रैक्टर ट्रॉली से निकल कर जाते बाढ़ में फंसे लोग।स्रोत:ग्रामीण
गांव चंदिया हजारा के समीप ट्रैक्टर ट्रॉली से निकल कर जाते बाढ़ में फंसे लोग।स्रोत:ग्रामीण