पीलीभीत। बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत पढ़ने वाले विद्यार्थियों के शैक्षिक संवर्धन के लिए किए जा रहे एआरपी (अकेडमिक रिसोर्स पर्सन) चयन की प्रक्रिया जिले में काफी सुस्त है। 40 पदों के सापेक्ष 25 पद अब भी रिक्त हैं। ऐसे में शैक्षिक कार्यों के निगरानी को बेहतर करने के दावे कागजी साबित हो रहे हैं।
जिले में करीब 1499 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। विद्यार्थियों के शैक्षिक संवर्धन के लिए जिले में 40 एआरपी का चयन किया जाना है। हिंदी, गणित, अंग्रेजी, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान विषय के लिए शिक्षकों के आवेदन मांगे गए थे। इसके बाद लिखित परीक्षा कराई गई। परीक्षा परिणाम आने के बाद अब तक 15 का ही चयन हो सका है। अब भी एआरपी के 25 पद रिक्त हैं। इनमें प्रमुख विषयों के एआरपी भी शामिल हैं।
ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद स्कूल खुलने वाले हैं। इसको लेकर जिला स्तरीय बैठक में डीएम ने भी रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए हैं। बीएसए ने बताया कि जिले में एआरपी के 40 पद सृजित है। 40 के सापेक्ष 25 पद रिक्त है। जिसके लिए आवेदन प्राप्त हो चुके है। जल्द ही रिक्त पदों को भरा जाएगा।
एआरपी का कार्य
एआरपी का मुख्य काम शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए शिक्षकों और विद्यार्थियों को सहायता प्रदान करना है। वे शिक्षक और विद्यार्थी दोनों की सहायता करके गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने में मदद करते हैं। एआरपी का कार्यकाल तीन साल का होता है।