टाइगर रिजर्व वन क्षेत्र से बाहर निकल कर आबादी और खेत में पहुंचकर आए दिन लोगों को निशाना बना रहे बाघों के जंगल से बाहर निकलने पर अंकुश लगाने की दिशा में वन महकमा आबादी से सटे जंगल की सीमा में तारफेसिंग करने की योजना तैयार की है। जिसमें 25 किमी के क्षेत्र में तार फेसिंग की जाएगी। इसके लिए शासन को 75 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है।
टाइगर रिजर्व बनने के बाद इसकी विभिन्न रेंजों में बाघ सहित कई वन्यजीवों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वन्यजीव जंगल से बाहर आकर मनुष्यों पर हमला करने के साथ ही फसलों को भी बर्बाद कर रहे हैं। पिछले छह माह में महोफ और बराही रेंज क्षेत्र के गांव में बाघ के हमले में नौ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि महिला सहित तीन लोग घायल हुए हैं। वन्यजीवों के बढ़ते हमलों पर अंकुश लगाने के लिए ग्रामीण तार फेसिंग कराने की मांग कर रहे हैं।
पिछले माह माधोटांडा क्षेत्र के डगा गांव में अहमद खां की मौत के बाद डीएम ने क्रिटिकल गैप से पांच लाख धनराशि दी थी जिससे इस क्षेत्र में हरदोई ब्रांच नहर से खारजा नहर तक सोलर तार फेसिंग कराई जा रही है, लेकिन जंगल से सटा बाकी क्षेत्र अभी भी खुला हुआ है। इसको देखते हुए वन विभाग ने जंगल से सटे 25 किमी के क्षेत्र में सोलर तार फेसिंग करने का प्रस्ताव तैयार किया है। जिसके लिए 75 लाख का प्रस्ताव बनाकर शासन का भेजा गया है।
डीएफओ कैलाश प्रकाश ने बताया कि डीएम की संस्तुति सहित प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलने पर तार फेसिंग कराई जाएगी।