जुलूस-ए-गौसिया के दौरान राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का मामला
जुलूस-ए-गौसिया के दौरान राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किए जाने के मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद अब पुलिस मुख्य आरोपी का पता लगाने में जुट गई है। वीडियो की मदद से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आखिर विवादित झंडा लेकर चलने वाले कौन और कहां से आए थे? इधर, एसपी ने शिनाख्त कर जल्द गिरफ्तारी करने के आदेश कोतवाल पूरनपुर को दिए हैं। वहीं जुलूस के दौरान पुलिस मौजूदगी के बावजूद ऐसा होने पर कड़ी फटकार तो लगाई लेकिन किसी पुलिसकर्मी की न तो जांच के आदेश किए गए, न ही कोई कार्रवाई की गई है।
मामला पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र का है। बुधवार को जुलूस-ए-गौसिया में शामिल कुछ लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज लहराया था। खास बात थी कि इसमें अशोक चक्र के स्थान पर धार्मिक स्थल का फोटो बना हुआ था। जिसको लेकर बृहस्पतिवार को विभिन्न हिंदू संगठनों ने विरोध जताते हुए कार्रवाई की मांग की थी। विवाद बढ़ने पर एसपी के निर्देश पर देर शाम कोतवाली पूरनपुर में हिंयुवा के जिलाध्यक्ष ठाकुर मनीष सिंह की ओर से जुलूस के आयोजक, उसमें शामिल भीड़ और ध्वज लेकर आए व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। दूसरे दिन तक पुलिस इस मामले में कोई प्रगति नहीं कर सकी है। इतना जरूर वीडियो क्लिप की मदद से आरोपियों की शिनाख्त का प्रयास किया जा रहा है। एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। वहीं पुलिस की मौजूदगी के बावजूद ऐसा होने पर फटकार भी लगाई। यह बात दीगर रही कि जुलूस के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी, खुफिया विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही को नजर अंदाज भी कर दिया गया है। उन पर कोई विभागीय कार्रवाई नहीं की है। कोतवाल पूरनपुर केके तिवारी ने बताया कि नगर में एक ही जुलूस निकाला गया था। उसमें कई मदरसों से अकीदतमंद शामिल हुए थे। वीडियो की मदद से ये पता लगाया जा रहा है कि आखिर विवादित ध्वज लेकर आने वाले कहां के और कौन थे? इसको लेकर सुरागरसी कराई जा रही है, जल्द कार्रवाई होगी।