जिले का प्रमुख पर्यटन स्थल टाइगर रिजर्व और इसमें बना चूका बीच को पांचवें पर्यटन सत्र के रूप में पर्यटकों के लिए गुरुवार से खोल दिया जाएगा। टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ अधिकारी यहां पहुंच कर महोफ स्थित टाइगर रिजर्व के एक नंबर गेट पर फीता काट कर पर्यटन सत्र का शुभारंभ करेंगे। टाइगर रिजर्व प्रशासन ने इसकी सभी तैयारी पूरी कर ली है। चूका स्थित अधिकांश हटें पर्यटकों ने पहले से ही बुक करा ली है। चूका स्थित फोटो गैलरी भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहेगी। इस गैलरी में पीलीभीत टाइगर रिजर्व के भीतर पाए जाने वाले लगभग सभी वन्यजीव, पक्षी व सांप आदि के चित्र से भी दर्शक रूबरू हो सकेंगे।
जिले को देश व विदेशों तक पहचान दिलाने वाला प्रमुख पर्यटन स्थल टाइगर रिजर्व और महोफ रेंज के कोर एरिया में डैम से सटे क्षेत्र में स्थित इको टूरिज्म चूका बीच प्रकृति की अनमोल धरोहर माना जाता हैं। पांचवें पर्यटन के रूप में गुरुवार टाइगर रिजर्व और चूका बीच को पर्यटकों के लिए 14 जून तक के लिए खोल दिया जाएगा। गत वर्ष से चूका बीच की जिम्मेदारी वन निगम को दी गई है। जिसके चलते चूका बीच की हटों की मरम्मत और रंगाई-पुताई कर उनको नया रूप दे दिया गया हैं। टाइगर रिजर्व प्रशासन ने भी अपनी जिम्मेदारी निभाने की तैयारियां पूरी कर ली हैं। पर्यटक समस्या बिना सत्र का पूरा आनंद ले सके, इसके लिए अफसर पूरा ध्यान रख रहे हैं। सत्र के दौरान चूका बीच के अलावा जंगल क्षेत्र में कई और भी ऐसी धरोहर हैं जो पर्यटकों को लुभातीं हैं।
ट्री और बैंबो हट लुभाती पर्यटकों को
चूका बीच में बनी बैंबो और ट्री हट पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहती हैं। डैम के भीतरी हिस्से में बनाई गई बैंबो हट की ओर पहुंचने पर पर्यटक काफी आनंद महसूस करते है। वहीं दो पुराने साल के वृक्षों के सहारे 25 फिट की ऊंचाई पर बनी ट्री हट देखने को भी पर्यटक उत्साहित रहते हैं।
मोटरबोट के लिए पर्यटकों को करना होगा इंतजार
नये पर्यटन सत्र को लेकर वन निगम की ओर से एक मोटरबोट को एक माह पूर्व ही चूका बीच में पहुंचा गया था, लेकिन डैम को पानी से भरा जाने के चलते जलकुंभी चूका बीच के किनारे पर पट गई है। ऐसे में पानी कम होने पर जलकुंभी की सफाई के बाद ही मोटरबोट का प्लेटफार्म व किराया समेत नियम निर्धारित किए जाएंगे। लिहाजा शुरुआती दिनों में पर्यटक मोटरबोट का आनंद नहीं ले सकेंगे।
गेस्ट हाउस भी रहेंगे गुलजार
सत्र के दौरान पर्यटक की आमद से चूका बीच के साथ जंगल क्षेत्र में बने बराही, मुस्ताफाबाद समेत सभी गेस्ट हाउस भी गुलजार रहते हैं। वीआईपी भी पर्यटन सत्र का आनंद लेना नहीं भूलते हैं। गेस्ट हाउस की जिम्मेदारी टाइगर रिजर्व के आधीन रहेंगी, विभाग ही उनकी बुकिंग करेगा। गेस्ट हाउस की बुकिंग पीटीआर की वेबसाइट www.ptr.pilibhit.in पर कर सकते हैं। गेस्ट हाउस का चार्ज 1250 रुपये प्रतिदिन निर्धारित किया गया हैं।
ब्रिटिश काल की धरोहर भी हैं खास
सत्र के दौरान पर्यटक की अच्छी आमद चूका बीच में होती हैं। खास बात यह हैं कि सत्र के दौरान यहां आने वाले पर्यटकों के लिए चूका बीच के अलावा बाइफरकेशन स्थित सिंचाई विभाग का खूबसूरत गेस्ट हाउस और नहरों का जाल आकर्षण का केंद्र बना रहता है। वहीं बराही रेंज के जंगल क्षेत्र में बने सप्तसरोवर (सात झाल) को देख भी पर्यटक खुश होते हैं।
यह पाए जाते हैं वन्यजीव
पर्यटन सत्र के दौरान टाइगर रिजर्व में आने वाले पर्यटकों के लिए जंगल के खूबसूरत ग्रासलैंड के बीच विचरण करते बाघ, भालू, चीतल, सांभर, बारहसिंघा, हिरन, पाड़ा, लैपर्ड, मोर, चौसिंघा, सेही, गोह, बंगाल फ्लोरिकन आदि आनंद को दोगुना कर देते हैं।
डेढ़ सौ साल पुराना साल का पेड़ भी है यहां
टाइगर रिजर्व के जंगल क्षेत्र में मुख्य रूप से साल के साथ भीमा, हल्दू, असिद्व, रोहनी, कुसुम, कचनार, अर्जुन खैर व सागौन आदि जैसे वृक्षों की प्रजाति यहां के ग्रासलैंड को खूबसूरत बनाता हैं। चूका बीच स्थित साल का एक विशाल वृक्ष भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहता है। करीब ढाई मीटर गोलाई वाला यह वृक्ष करीब डेढ़ सौ साल पुराना बताया जाता है। इसकी ऊंचाई 50 फिट से अधिक है।
पर्यटकों के वाहन यहां किए जाएंगे पार्क
पर्यटकों के अपने स्वयं के वाहन से सीधे चूका बीच पहुंचने पर पाबंदी है। पर्यटक अपने वाहन से मुस्तफाबाद गेस्ट हाउस तक जा सकते हैं। वहां से उन्हें वन विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई किराए की जिप्सी अथवा टाटा जीनान से चूका पहुंचना होगा। यह वाहन बुकिंग कराने के बाद उन्हें मिलेंगे। वाहन के साथ एक गाइड भी होगा।
बुकिंग जारी, ऐसे करे हटों व जीनॉन वाहन की बुकिंग
चूका बीच में वन निगम के आधीन हटों की बुकिंग भी शुरू हो गई है। चूका बीच के सेक्शन प्रभारी लालता प्रसाद ने बताया कि 15 नवंबर से लेकर फरवरी तक हटों की बुकिंग पहुंच गई है, लेकिन नवंबर से फरवरी के बीच कुछ दिन अभी खाली भी हैं। चूका बीच की ट्री, बैंबो और थारू हटों समेत जीनॉन वाहन की बुकिंग वन निगम की वेबसाइट www.upecotourism.in पर कर सकते हैं।
ऐसे पहुंचेंगे चूका बीच
पर्यटकों को जंगल घूमाने के लिए वन विभाग ने दो रूट निर्धारित किए हैं। इसमें पीलीभीत से जाने वाले पर्यटकों के लिए महोफ के गेट नंबर एक से शुरू होकर जंगल के अंदर ही भीमताल, उत्तराखंड की सीमा पर नहर मार्ग होते हुए चूका स्पॉट पहुंचेंगे। दूसरा रूट मुस्तफाबाद गेस्ट हाउस से चूका बीच, बाइफरकेशन, साइफन के रास्ते सप्तसरोवर ले जाकर पुन: उसी मार्ग से सामर ताल (वाच टॉवर) होते हुए वापस मुस्ताफाबाद लाया जाएगा। पहली पाली सुबह छह बजे से 11 बजे तक रहेगी, जबकि दूसरी पॉली 2.30 बजे से शाम छह बजे (सूर्यास्त) तक रहेगी। इसके लिए पर्यटकों को मुस्तफाबाद गेस्ट हाउस पहुंचना होगा।
ये रहेगा वाहनों का किराया (छह पर्यटक)
महोफ से चूका- 3186 रुपये
पीलीभीत से चूका- 4130 रुपये
मुस्तफाबाद से चूका- 2832 रुपये
यह रहेंगी सुविधाएं
थारु हट 1575 प्रति व्यक्ति
बैंबो और ट्री हट 2100 प्रति व्यक्ति
आरण्य कुटी 2000/4000 प्रति हट
इसमें सुबह का नाश्ता और जीएसटी खर्च शामिल किया गया है। मोटरबोट का किराया अभी निर्धारित नहीं किया गया है।
(वहीं पर्यटकों की सुविधा के लिए साइलेंट जनरेटर मौजूद है।)