जेनेरिक दवाइयां हुईं हावी, ब्रांडेड का निकला दम
क्रासर...
जन औषधि केंद्र पर बिकीं 22 हजार से अधिक की दवाएं
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बाजार में मिलने वाले दवाओं की तुलना में 70-80 फीसदी सस्ते हैं दाम
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। जिला अस्पताल में खुले प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र से जेनरिक दवाओं की बिक्री बढ़ गई है। केंद्र खुलने के बाद 695 मरीजों द्वारा 22 हजार से ज्यादा की दवाई खरीदीं जा चुकीं है। केंद्र पर उपलब्ध दवाइयों के दाम बाजार से 70-80 से फीसदी सस्ते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि जेनेरिक दवाओं के प्रचलन में आने से बाजार में मिलने वाले ब्रांडेड दवाओं की बिक्री पर खासा असर पड़ेगा।
15 जुलाई को जिला अस्पताल में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का शुभारंभ हुआ था। इस मौके पर डीएम ने जेनेरिक दवाइयों के बारे में जानकारी लेकर स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों को निर्देशित किया था कि डॉक्टर अस्पताल में आने वाले मरीजों को जन औषधि केंद्र पर उपलब्ध दवा लिखने के साथ उनका साल्ट नेम लिखे ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका फायदा मिल सके। केंद्र खुलने के कुछ दिन तक डॉक्टरों की मनमानी जारी रही, कमीशन के चक्कर में वह पर्चे पर साल्ट नेम नहीं लिख रहे थे। डॉक्टरों की यह लापरवाही अमर उजाला ने केंद्र खुलने के दूसरे दिन ही उजागर की थी। इसके बाद पर्चे पर दवा लिखने के साथ उनका साल्ट नेम भी डॉक्टर लिखने लगे। नतीजतन दवाओं की बिक्री बढ़ गई है। केंद्र खुलने के बाद 22 हजार से अधिक की दवा मरीज खरीद चुके हैं। केंद्र संचालक ओमनाथ पांडे ने बताया कि 250 में से अभी 64 तरीके की दवाइयां केंद्र पर उपलब्ध हैं। केंद्र पर हृदय रोग, बुखार, पेट दर्द, दर्द, बीपी, शुगर आदि की दवाईयां उपलब्ध हैं। हृदय संबंधी मेरोपेनम, मधुमेह संबंधी गिलिमेप्राइड, क्लोपिडोग्रेड, गैस्ट्रो रोग संबंधी एंटासीड दवाइयों के दाम ब्रांडेड के मुकाबले 70 से 80 फीसदी तक कम है।