माधोटांडा (पीलीभीत)। अब भूमाफिया द्वारा जमीनों पर अवैध कब्जा किए जाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने को शासन ने कड़ा कदम उठाया है। खतौनी में दर्ज किसानों की जमीनों को अब अभियान चलाकर राजस्व लेखपाल उनके नामों के मुताबिक बराबर दर्ज करेंगे। यहीं नहीं इसके बाद किसानों को नोटिस देकर मौके पर सत्यापन भी कराया जाएगा।
जमीनी विवाद के अधिकतर मामले बंटवारे को लेकर सामने आते हैं और मामले अदालत तक भी पहुंचते हैै। इन सबके बीच भूमाफिया इसका जमकर फायदा उठाते हैं। इधर, शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी ने अभियान चलाकर जमीनों की जांच कराकर खातेदारों को बराबर का बंटवारा करने की कवायद शुरू की है। जिससे भूमाफिया द्वारा किए जा रहे अवैध कब्जों को रोका जा सके और सभी खातेदारों के नाम खतौनी में अलग-अलग दर्ज हो सकें।
तहसीलदार कलीनगर विजय त्रिवेदी ने बताया कि प्रथम चरण में राजस्व लेखपाल द्वारा खतौनी में दर्ज किसानों के नाम दर्ज भूमि की जांच कराई जाएगी और एक ही खाते में कई लोगों के नाम दर्ज भूमि को अलग खाते बनाकर दर्ज किया जाएगा। जिसके बाद राजस्व प्रशासन गांव में ऐसे किसानों को नोटिस देकर बंटवारे की स्थिति से अवगत कराएगा। यदि किसी किसान को कोई आपत्ति है या नाम गलत दर्ज हो गया है तो उसका पक्ष सुनकर उसका निस्तारण किया जाएगा। उसके बाद बंटवारा की गई भूमि को कंप्यूटर द्वारा नये सिरे से नामों को खतौनी में दर्ज किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस आदेश के बाद भूमाफिया न तो गलत ढंग से जमीन नाम दर्ज करा सकेंगे और न ही किसी किसान की भूमि पर दूसरे किसान को ढाल बनाकर जबरन कब्जा कर सकेंगे। इसके लिए टीमें गठित कर खतौनियों की जांच शुरू करवा दी गई हैं।