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बेतरतीब होर्डिंग्स बिगाड़ रहे शहर की सूरत

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पीलीभीत। शहर के प्रमुख चौराहों और सड़कों पर लगे होर्डिंग भले ही नगर पालिका के लिए आय का जरिया हों, लेकिन आम जनता के लिए खतरनाक हैं। मानकों को दरकिनार करके लगाए गए होर्डिंग कई बार दुर्घटना का सबब बन जाते हैं। पालिका प्रशासन के मुताबिक शहर में 98 होर्डिंग प्वाइंट है, लेकिन शहर का शायद ही कोई ऐसा चौराहा हो, जहां बड़े-बड़े होर्डिंग न लगे हों। एक-दूसरे से पीछे धकेलने की होड़ में मुख्य चौराहों पर आड़े तिरछे होर्डिंग लगाने का चलन बढ़ है, जिससे रात में न सिर्फ सामने से आने वाले वाहनों की लाइटों की चमक से वाहन सवार प्रभावित होते हैं, बल्कि उन्हें वाहन चलाने में भी दिक्कत होती हैं। कई बार प्रमुख चौराहों से मुड़ते समय वाहन चालक दूसरी ओर से आने वाली गाड़ी को नहीं देख पाते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं। वहीं पालिका प्रशासन होर्डिंग को लेकर ठेका पद्धति लागू होने की बात कहकर जिम्मेदारी से किनारा कर रहा है। हालांकि ठेके की आड़ में लाखों के बारे-न्यारे किए जा रहे हैं।
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नियमों को दरकिनार कर होर्डिंग से पाट दिए चौराहे
शहर में कचहरी चौराहा, नकटादाना चौराहा, जिला अस्पताल के सामने टनकपुर हाईवे पर, गौहनिया चौराहा, छतरी चौराहा, नौगवां चौराहा आदि पर होर्डिंग की खासी भरमार है। नौगवां चौराहा की बात करें तो यहां चौराहे के तीन ओर बड़ी संख्या में होर्डिंग लगे हैं। ओवरब्रिज के नीचे ही मोड़ वाले स्थान पर आड़े तिरछे करीब 10 होर्डिंग लगे हैं। छतरी चौराहे का भी यही हाल है। यहां सड़क सुरक्षा का पाठ पढ़ाने वाले परिवहन विभाग ने होर्डिंग लगा रखे हैं। इस चौराहे पर भी चारों ओर आड़े तिरछे होर्डिंग की भरमार है। अक्सर वाहन चालकों का ध्यान इन बेतरतीब होर्डिंग पर जाने के कारण वे दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। शहर के गौहनिया चौराहा समेत जिला अस्पताल के सामने टनकपुर हाईवे पर भी बेतरतीब ढंग से लगे होर्डिंग की भरमार है। जिला अस्पताल से आने वाले दोपहिया चौपहिया वाहन चालकों का ध्यान अक्सर सामने हाईवे पर लगे होर्डिंग अपनी ओर खींच लेते हैं, ऐसे में वे हाईवे से गुजर रहे वाहनों से टकरा रहे हैं।
कोई नियम न कानून
पालिका प्रशासन द्वारा हर साल होर्डिंग लगाने का ठेका तो दे दिया जाता है, लेकिन किस प्वाइंट पर कितने होर्डिंग्स लगने हैं, इसका पालिका प्रशासन के पास न तो कोई लेखा जोखा है और न ही कोई नियम, कानून। नजूल लिपिक संतोष कुमार ने बताया कि ठेकेदार पालिका को राशि चुकाता है और फिर साल भर शहर के चिह्नित स्थानों पर होर्डिंग लगवाते हैं। यदि कहीं गलत तरीके से होर्डिंग लगाया जाता है तो उसे हटवा दिया जाता है। अब तक ऐसे कितने होर्डिंग हटवाए गए जो गलत लगे थे, इसका वह कोई जवाब नहीं दे सके। खास बात तो यह है कि नगर पालिका परिषद प्रशासन के पास इसका भी कोई ब्योरा नहीं है कि शहर में कहां, किस जगह, कितने होर्डिंग लगे हैं।
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चौराहे से 25 फुट दूर लगने का है नियम
नियमानुसार नगर पालिका क्षेत्र में चौराहे से 20 से 25 फुट की दूरी पर और सड़क पटरी से पांच फुट की दूरी पर होर्डिंग लगने चाहिए। चौराहों और सड़कों पर होर्डिंग रोड के दोनों ओर मार्ग के समानांतर लग सकते हैं। आड़े-तिरछे लगाने का अधिकार किसी को नहीं है। कम दूरी पर और आड़े तिरछे लगे होर्डिंग वाहन चालकों को दिक्कत करते हैं।
करीब दो माह पूर्व अभियान चलाकर गैरमानक लगे होर्डिंग हटवाए गए थे। कर्मचारियों द्वारा चौराहों और सड़कों पर लगे होर्डिंग की निगरानी की जाती है। यदि कहीं गलत तरीके से होर्डिंग लगे हैं तो नोटिस भेजकर इन्हें हटवाया जाएगा।
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- विमला जायसवाल, चेयरमैन
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