शहर में चल रहे अहले सुन्नत मौलाना मोहम्मद हशमत अली खां के 60वें उर्से हशमती व साबिक मुफ्ती ए शहर मौलाना मुफ्ती मोहम्मद मुशाहिद रजा खां के 21वेें उर्से मुशाहिदी का शनिवार को कुलशरीफ के साथ समापन हो गया। अकीदतमंदों ने हाथ उठाकर मुल्क व कौम की तरक्की के लिए दुआ फरमाई।
शहर के मोहल्ला हशमतनगर स्थित आस्तान-ए-हशमतिया व मुशाहिदिया में 31 अक्तूबर से उर्से हशमती व उर्से मुशाहिदी का आगाज किया गया था। एक दिन पूर्व शहर में चादर शरीफ का जुलूस निकाला गया। इधर उर्स के अंतिम दिन शनिवार को दरगाह शरीफ पर बाद नमाज-ए-फज्र कुरानख्वानी की गई। पहला कुल शरीफ 10:11 बजे हुआ। जबकि दूसरा कुलशरीफ 1:40 बजे हुआ। इस दौरान अजमेर शरीफ से आए सज्जादानशीन सय्यद सुल्तान मियां, सय्यद फरीदुल हसन, मौलाना आमिर खां मुंबई, मौलाना सुल्तान नागपुर, मौलाना जमील, मौलाना दीन मोहम्मद, मौलाना कारी अताउल हशमती, सय्यद इज्जत अली, कारी मोअज्जम रजा, हाफिज अकील खां आदि ने तकरीर की। मुफ्ती ए शहर के साहबजादे मौलाना मुफ्ती बुरहान रजा खां ने मौलाना मोहम्मद मुशाहिद रजा खां व मौलाना मोहम्मद हशमत अली की जिदंगी पर तफ्सील से रोशनी डाली। सज्जादानशीन मौलाना मोहम्मद जरताब रजा खां हशमती ने मुल्क व कौम की तरक्की के लिए दुआ फरमाई और पुलिस व प्रशासन के सहयोग पर शुक्रिया अदा किया। कुल की रस्म के दौरान परंपरानुसार करीब दस किलो चांदी की लौंग लुटाई गई। बताते हैं कि मन्नत पूरी होने पर लौंग लुटाने की परंपरा है। कुल की रस्म के दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की। इस मौके पर सय्यद इज्जत अली, हाफिज इसरार अहमद अशरफी, कौसर खां, नाहिद खां, गुलाम मोईनुद्दीन, निजामुद्दीन आदि मौजूद रहे।