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चोरी हो रहे कैमरे, तस्कर कर रहे आवाजाही, ये कैसी गश्त!
हवा हवाई साबित हो रहे जंगल की सुरक्षा के दावे
अफसरों की मानसून गश्त का वनकर्मियों पर नहीं दिख रहा असर
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। टाइगर रिजर्व प्रशासन मानसून पेट्रोलिंग में काफी जोर दे रहा है। अफसर सख्त दावे कर रहे हैं, लेकिन इसका कोई असर वनकर्मियों पर नहीं दिख रहा। यही वजह है कि सख्ती के बाद भी बाघ गणना को लगाए गए कैमरे चोरी हो गए। वहीं तस्करों के लिए भी जंगल मुफीद बना हुआ है।
चार साल पहले पांच रेंजों में फैले जिले के जंगल को टाइगर रिजर्व का दर्जा दिया गया। इसके बाद जंगल से जिले की पहचान के दावे अधिकारियों से लेकर राजनेताओं ने किए। यह भी कहा कि जंगल की सुरक्षा को लेकर यहां पर पुख्ता बंदोबस्त किया जाएगा। हालांकि चार साल बीतने के बाद भी इस दिशा में कोई ठोस बंदोबस्त नहीं हो सका है। न तो स्टाफ की पूर्ति की गई, न ही निगरानी को लेकर व्यवस्था में सुधार आया। बरसात के समय में जंगल को बंद कर दिया गया है। ऐसे में मानसून गश्त को बढ़ाया गया। इसके लिए अधिकारियों ने सख्त निर्देश दिए। वनकर्मी इसको प्रभावी रूप से अमल में लाने की बात कर रहे हैं, लेकिन हाल ही में हरिपुर रेंज में हुई बाघ गणना को लगाए गए कैमरों की चोरी ने एक बार फिर सवालिया निशान लगा दिया है। इसके अलावा कटरूआ पाबंदी के बावजूद सड़कों पर खुलेआम बिक रहा है। शहर से लेकर ग्रामीणों इलाकों में भीड़ के बीच खुलेआम कटरूआ बिक रहा है। इसके अलावा पशु तस्करों की आवाजाही भी बराही रेंज से 15 दिन पहले सामने आ गई थी। जिसके बाद डिप्टी डायरेक्टर आदर्श कुमार ने अलर्ट जारी किया था। इसके अलावा जंगल से लकड़ी बीनने के मामले भी प्रकाश में आते रहते हैं। यह बात सीधे तौर पर साबित करती है कि कहीं न कहीं जंगल की सुरक्षा को की जाने वाली गश्त में लापरवाही बरती जा रही है। जिस कारण अवैध तरीके से आवाजाही करने वालों पर नकेल नहीं कसी जा सकी है। ऐसे में अधिकारियों की ओर से किए जाने वाले हवा हवाई साबित हो रहे हैं।
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जंगल में मानसून गश्त को लेकर अलर्ट जारी है। समस्त रेंजर और स्टाफ को इसमें लगाया गया है। 24 घंटे चार बार में गश्त कराई जा रही है। किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है।
आदर्श कुमार, डिप्टी डायरेक्टर