कई किलो मीटर दूर तक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध न होने के कारण अपनी सेहत को लेकर परेशान बाढ़ प्रभावित क्षेत्र रमनगरा के लोगों के होठों पर मंगलवार अमर उजाला फाउंडेशन का निशुल्क स्वास्थ्य शिविर मुस्कान दे गया। जिला मुख्यालय से करीब 50 किमी दूर टाइगर रिजर्व वन क्षेत्र और शारदा डैम के निकट स्थित ग्राम रमनगरा के बाढ़ शरणालय में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाए जाने की जानकारी गांव के लोगों को दो दिन पहले ही मिल गई थी। शिविर में मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सीमा अग्रवाल के निर्देशन में पहुंची डाक्टरों की टीम ने शाम चार बजे तक 421 मरीजों के स्वास्थ्य का परीक्षण कर उन्हें मुफ्त में दवाएं वितरित कीं।
कैंप में मंगलवार सुबह आठ बजे से ही लोग पहुंचने लगे थे। अमर उजाला फाउंडेशन की मोबाइल वैन व डाक्टरों की टीम सुबह दस बजे पहुंची तो वहां मरीजों की काफी भीड़ जुट चुकी थी। पंजीकरण में लोगों को असुविधा न हो इसके लिए दो काउंटरों पर पंजीकरण का कार्य किया गया। महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण की अलग व पुरुषों के स्वास्थ्य परीक्षण की अलग-अलग व्यवस्था की गई थी। मरीजों की सुविधा के लिए डॉक्टरों का अलग काउंटर बनाया गया था। दवा वितरण की भी अलग व्यवस्था कर वहां तीन लोगों को दवा वितरण पर लगाया गया। शिविर लगने की सूचना पर रमनगरा के अलावा पुरैना ताल्लुके महाराजपुर, मढईया लालपुर, बिजौरी खुर्द कला, नलडेगा व नेपाल बॉर्डर से सटे गभिया सहराई के भी भारी मात्रा में मरीज पहुंचे। कैंप में सीएमओ डॉक्टर सीमा अग्रवाल के निर्देश पर फिजीशियन डॉक्टर अभिनव पांडे, महिला चिकित्सक मोनिका सिंह, डॉ. अरविंद सिंह, डॉ. देवेश गिरी के साथ फार्मासिस्ट जितेंद्र कुमार व ऑप्टोमेट्रिस्ट विजय कुमार अपनी पूरी टीम के साथ मौजूद रहे। चार बजे तक चले इस कैंप में डॉक्टरों की टीम द्वारा 421 मरीजों का परीक्षण किया गया। सनातन सील, गौतम पांडे, भूदेव दास, ग्राम प्रधान प्रशांत साना व बिल्लू राजभर आदि का सहयोग रहा।
बुजुर्ग मरीजों की भी खासी रही संख्या
बाढ़ग्रस्त गांव रमनगरा में एक ओर शारदा की तबाही तो दूसरी ओर टाइगर रिजर्व का विशाल जंगल होने के चलते यहां के लोगों को उपचार के लिए काफी लंबी दूरी तय करना पड़ती है। इसके चलते अधिकांश महिलाएं व बुजुर्ग लोग अपने मर्ज का उपचार नहीं करा पाते। मंगलवार को अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा लगाए गए इस हेल्थ कैंप में 60 वर्ष से अधिक महिला व पुरुष की तादाद अधिक दिखी।
रमनगरा क्षेत्र में नेत्र मरीजों में मोतियाबिंद की शिकायत अधिक
कैंप में मौजूद ऑप्टोमेट्रिस्ट विजय कुमार ने बताया कि नेत्र समस्या को लेकर आए मरीजों में 50 साल की आयु से अधिक वाले अधिकांश मरीजों में मोतियाबिंद के लक्षण मिले हैं। जिसके चलते उन्हें जरूरी दिशा निर्देश देने के साथ जिला मुख्यालय पहुंच इलाज कराने की सलाह दी गई है।