- दो नगर पालिका और एक नगर पंचायत में बना रिकार्ड
पीलीभीत। मतगणना परिणाम आने के बाद तीन नगर पालिका परिषद में से दो नगर पालिका परिषद और एक नगर पंचायत में विजयी प्रत्याशियों के परिवार की हैट्रिक बनाने का भी रिकार्ड दर्ज हो गया।
पीलीभीत नगर पालिका परिषद सीट पर अब तक हुए चुनाव में यह पहला अवसर है जब किसी परिवार की हैट्रिक बनी हो। यहां से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में प्रभात जायसवाल की पत्नी विमला जायसवाल चेयरमैन निर्वाचित घोषित हुई हैं। इससे पहले वर्ष 2007 और 2012 में हुए चुनाव में स्वयं प्रभात जायसवाल निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चेयरमैन निर्वाचित हुए थे। इस बार पीलीभीत नगर पालिका परिषद सीट के महिला के लिए आरक्षित हो जाने के कारण उन्हें अपनी पत्नी विमला जायसवाल को चुनाव मैदान में उतारना पड़ा।
कमोबेश यही स्थिति पूरनपुर नगर पालिका परिषद सीट की है। यहां संपन्न हुए चुनाव में भाजपा प्रत्याशी प्रदीप जायसवाल उर्फ लल्लन निर्वाचित घोषित किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के खास वर्करों में शुमार लल्लन ने नगर पालिका की राजनीति में अप्रत्यक्ष रूप से वर्ष 2007 से कदम रखा। पूरनपुर सीट तब महिला के लिए आरक्षित थी। लिहाजा उन्होंने अपनी पत्नी वर्षा रानी को चुनाव मैदान में उतारा। वह निर्वाचित हुईं। 2012 में इस सीट के सामान्य होने पर लल्लन खुद चुनाव मैदान में उतरे और जीते।
नगर पंचायत बिलसंडा में बसपा प्रत्याशी अटल जायसवाल चेयरमैन निर्वाचित हुए हैं। 2012 में भी वह निर्वाचित हुए थे। इससे पहले महिला के लिए सीट आरक्षित होने के कारण 2007 में वह अपनी पत्नी मंजू जायसवाल को चुनाव लड़ा चेयरमैन बना चुके हैं।
जायसवाल परिवार को छोड़ सब नए चेहरे
पीलीभीत। निकाय चुनाव की राजनीति में जायसवाल परिवार एक बार फिर ताकतवर बन कर उभरे हैं। एक ही बिरादरी के होने के बावजूद इनकी पार्टी एक नहीं है, लेकिन निकाय चुनाव में लक्ष्य उनका एक है।
पिछले निकाय चुनाव में जिले के नौ निकायों में से चार में इसी बिरादरी के चेयरमैन निर्वाचित हुए थे। बीसलपुर से 2012 में चेयरमैन निर्वाचित छेदालाल जायसवाल इस बार भी चुनाव मैदान में थे, लेकिन वह हार गए, जबकि पूरनपुर में प्रदीप जायसवाल लल्लन और बिलसंडा में अटल जायसवाल खुद लगातार दूसरी बार चेयरमैन निर्वाचित हो तथा पीलीभीत में प्रभात जायसवाल अपनी पत्नी को चेयरमैन निर्वाचित कराने में कामयाब रहे। इस प्रकार जिले के निकाय चुनाव में एक बार फिर जायसवाल बिरादरी के उम्मीदवारों का दबदबा कायम दिखा।