-45 से 50 प्रतिशत महिला वोटर करेंगी उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला
उम्मीदवारों में लगी है महिला वोटरों को लुभाने की होड़
पीलीभीत।
नगर निकाय चुनाव में महिलाओं की भूमिका बेहद अहम रहेगी। अगर यह कहें कि महिलाएं जिसे चाहेंगी, उसी के सिर पर चेयरमैन का ताज सजेगा तो गलत नहीं होगा। वजह इस बार जिले में महिला वोटरों की संख्या 40 से 50 प्रतिशत के बीच है। यही वजह है कि चुनाव मैदान में उतरे नेता महिला वोटरों को फोकस करने में जुटे हैं।
जनपद की तीन नगर पालिका सीट हों, या फिर छह नगर पंचायत...सभी में महिला वोटरों की संख्या निर्णायक की भूमिका में रहेगी। पीलीभीत में 47,600, बीसलपुर में 28,146 और पूरनपुर में 14,287 महिला वोट है। इसके अलावा नगर पंचायत स्तर पर भी महिला मतदाताओं की संख्या 45-50 प्रतिशत से कम नहीं है।
नगर पालिका में मतदाताओं की संख्या
सीट कुल वोट महिला पुरुष
पीलीभीत 99,942 47,600 52342
बीसलपुर 59,781 28,146 31635
पूरनपुर 30,215 14,287 15,928
नगर पंचायत में मतदाताओं की संख्या
सीट कुल वोट महिला पुरुष
जहानाबाद 10,982 5195 5787
बरखेड़ा 10,357 4835 5522
बिलसंडा 13,120 6194 6926
कलीनगर 7832 3710 4122
न्यूरिया 16,783 8160 8623
गुलड़िया भिंडारा 4123 1945 2198
महिलाएं बोलीं, झूठे वायदे नहीं, विकास चाहिए
पीलीभीत। प्रत्याशी जहां महिला मतदाताओं पर निगाह साध चुके हैं, वहीं महिलाएं भी इस बार विकास के नाम पर मतदान करने का मन बना चुकी हैं। उनको झूठे वायदे कर सुनहरे सपनें दिखाने वाला नहीं, बल्कि धरातल पर बदलाव करने वाला चेयरमैन चाहिए। शहर की कुछ महिलाओं ने चुनावी वायदों के बीच अपने विचार कुछ इस तरह व्यक्त किए ...
- सिर्फ कहकर भूल जाने वाला चेयरमैन नहीं होगा। वोट चुनाव के समय किए जा रहे वायदों पर नहीं, बल्कि सोच-समझकर विकास की क्षमता रखने वाले प्रत्याशी को वोट दूंगी, ताकि समस्याओं का असल में समाधान हो सके।
शीतल अवस्थी, मोहल्ला तुलाराम
- बदहाल साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर करने वाला ही वोट हासिल करने का अधिकार रखता है। वोट उसी को मिलेगा जो मुख्य मार्गों के साथ ही गली मोहल्लों की साफ सफाई दुरुस्त कर सके। पार्किंग, शौचालय समेत कई मामूली समस्याओं का भी समाधान करने वाला हो।
-गुलनाज, मोहल्ला अशरफ खां
- चेयरमैन ऐसा होना चाहिए, जो आम जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को सुने और निस्तारण कराए। उससे मिलने में आम नागरिक को कोई समस्या न हो। सड़क, सफाई और पेयजल व्यवस्था जैसी आम जरूरतों को लेकर गंभीर हो। इसी को सोच-समझकर मतदान करूंगी।
प्रियंका अग्रवाल, मोहल्ला शेखचांद