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पीलीभीत: नौ चीनी मिलों के लिए 196 क्रय केंद्र निर्धारित, बिना लाइसेंस तौल करने पर होगी कार्रवाई

Wed, 21 Oct 2026 05:19 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत

सार

पीलीभीत जिले में पेराई सत्र 2026-27 के लिए क्रय केंद्र निर्धारित कर दिए गए हैं। इसके तहत कुल नौ चीनी मिलें किसानों से गन्ना खरीदेंगी, जिसके लिए 196 क्रय केंद्र निर्धारित किए गए हैं। एलएच चीनी मिल को सबसे अधिक 96 केंद्र मिले हैं, जबकि पड़ोसी जिलों की पांच मिलें भी खरीद करेंगी।
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फाइल फोटो
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विस्तार
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पेराई सत्र 2026-27 के लिए गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस. ने पीलीभीत जिले की चीनी मिलों के लिए गन्ना क्षेत्र सुरक्षण आदेश जारी कर दिया है। जिले की चार चीनी मिलों समेत पड़ोसी जिलों की पांच मिलें भी यहां के किसानों से गन्ना खरीदेंगी। इसके लिए गन्ना विकास समितियों के माध्यम से क्रय केंद्र निर्धारित किए गए हैं। आदेश के अनुसार, क्रय केंद्रों के स्थान में बदलाव नहीं किया जाएगा। केंद्र उसी राजस्व ग्राम में खोले जाएंगे, जिसके नाम से उन्हें स्वीकृति मिली है।

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जिला गन्ना अधिकारी डॉ. खुशीराम भार्गव ने बताया कि आदेश के तहत 196 क्रय केंद्रों पर गन्ना खरीद की व्यवस्था की गई है। एलएच चीनी मिल को सबसे अधिक 96, बरखेड़ा चीनी मिल को 29, पूरनपुर चीनी मिल को 14 और बीसलपुर चीनी मिल को आठ क्रय केंद्र आवंटित किए गए हैं। इन केंद्रों से संबंधित सहकारी गन्ना विकास समितियों के विधिक सदस्य किसानों से गन्ने की खरीद की जाएगी। खरीद शुरू करने से पहले चीनी मिलों को संबंधित सहकारी गन्ना विकास समितियों से अनुबंध करना होगा।

पीलीभीत के किसानों से पड़ोसी जिलों की चीनी मिलें भी गन्ना खरीदेंगी। फरीदपुर, निगोही और मकसूदापुर चीनी मिलों को 15-15, गुलरिया चीनी मिल को सात और त्रिवटीनाथ चीनी मिल को चार क्रय केंद्र आवंटित किए गए हैं। इस तरह जिले के किसानों से कुल नौ चीनी मिलें गन्ना खरीद करेंगी।

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क्रय केंद्रों पर जरूरी सुविधाएं देना अनिवार्य
गन्ना आयुक्त ने चीनी मिलों को क्रय केंद्रों पर जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। केंद्रों पर तौल लिपिक, निरीक्षण पुस्तिका और गन्ना ढुलाई के लिए यातायात सुविधा उपलब्ध करानी होगी। किसानों के पीने के पानी और पशुओं के लिए पानी की नाद की व्यवस्था भी करनी होगी।

क्रय केंद्रों के सुचारु संचालन और व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए पीलीभीत, पूरनपुर, बीसलपुर और मझोला की सहकारी गन्ना विकास समितियों के सचिवों तथा पीलीभीत, पूरनपुर, बीसलपुर, बरखेड़ा और मझोला के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं।
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बिना लाइसेंस तौल करने पर होगी कार्रवाई
क्रय केंद्रों पर जिलाधिकारी की ओर से जारी तौल लाइसेंस वाले तौल लिपिक ही गन्ने की तौल कर सकेंगे। बिना लाइसेंस कोई भी तौल लिपिक तौल नहीं करेगा। निरीक्षण के लिए अधिकृत अधिकारियों के पहुंचने पर जांच में सहयोग नहीं करने या क्रय केंद्र से भागने वाले तौल लिपिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। क्रय केंद्रों के निरीक्षण के लिए गन्ना विकास निरीक्षकों, समिति सचिवों और ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों की टीमें गठित की गई हैं।

शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर जारी
जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि गन्ना क्रय केंद्रों पर किसी तरह की असुविधा होने पर किसान संबंधित विभागीय अधिकारियों के सीयूजी नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। सभी केंद्रों पर चीनी मिल और विभागीय अधिकारियों के सीयूजी नंबरों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। गन्ने से संबंधित समस्या या शिकायत के लिए किसान विभाग के टोल फ्री नंबर 1800-121-3203 पर संपर्क कर सकते हैं।
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