क्रय केंद्रों पर जरूरी सुविधाएं देना अनिवार्य
गन्ना आयुक्त ने चीनी मिलों को क्रय केंद्रों पर जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। केंद्रों पर तौल लिपिक, निरीक्षण पुस्तिका और गन्ना ढुलाई के लिए यातायात सुविधा उपलब्ध करानी होगी। किसानों के पीने के पानी और पशुओं के लिए पानी की नाद की व्यवस्था भी करनी होगी।
क्रय केंद्रों के सुचारु संचालन और व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए पीलीभीत, पूरनपुर, बीसलपुर और मझोला की सहकारी गन्ना विकास समितियों के सचिवों तथा पीलीभीत, पूरनपुर, बीसलपुर, बरखेड़ा और मझोला के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं।
बिना लाइसेंस तौल करने पर होगी कार्रवाई
क्रय केंद्रों पर जिलाधिकारी की ओर से जारी तौल लाइसेंस वाले तौल लिपिक ही गन्ने की तौल कर सकेंगे। बिना लाइसेंस कोई भी तौल लिपिक तौल नहीं करेगा। निरीक्षण के लिए अधिकृत अधिकारियों के पहुंचने पर जांच में सहयोग नहीं करने या क्रय केंद्र से भागने वाले तौल लिपिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। क्रय केंद्रों के निरीक्षण के लिए गन्ना विकास निरीक्षकों, समिति सचिवों और ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों की टीमें गठित की गई हैं।
शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर जारी
जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि गन्ना क्रय केंद्रों पर किसी तरह की असुविधा होने पर किसान संबंधित विभागीय अधिकारियों के सीयूजी नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। सभी केंद्रों पर चीनी मिल और विभागीय अधिकारियों के सीयूजी नंबरों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। गन्ने से संबंधित समस्या या शिकायत के लिए किसान विभाग के टोल फ्री नंबर 1800-121-3203 पर संपर्क कर सकते हैं।