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मनरेगा मजदूरी भुगतान में हुई देरी तो जिम्मेदारों से होगी वसूली

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पीलीभीत। केंद्र सरकार की तर्ज पर प्रदेश सरकार मनरेगा जॉब कार्ड धारकों को मजदूरी देने में लेटलतीफी करने वाले जिम्मेदारों पर शिकंजा कसेगी। समयावधि में मजदूरी नहीं मिलने पर जांच में जिसकी हीलाहवाली उजागर होगी उसके वेतन, मानदेय से 0.5 प्रतिशत रोजाना के हिसाब से वसूली की जाएगी और यह पैसा मजदूर के खाते में भेजा जाएगा। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत जिले में पंजीकृत 1.56 लाख में 1.25 लाख एक्टिव कार्डधारक हैं। जिन्हें मनरेगा के तहत काम काम दिया जा रहा है। योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में रहने वाले जॉब कार्ड धारकों को एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम सौ दिन का रोजागर उपलब्ध कराया जाता है। काम के एवज में उनको 15 दिन में मनरेगा भुगतान किया जाना चाहिए। लेकिन ऐसा होता नहीं दिखता। मजदूरी पाने के लिए मनरेगा मजदूरों को अफसरों के कार्यालयों में चक्कर लगाने पड़ते हैं। जिसे सरकार ने गंभीरता से लिया गया है। केंद्र सरकार की तर्ज पर प्रदेश सरकार नई व्यवस्था शुरू करने जा रही है। जिसके तहत मजदूरों का समय से भुगतान नहीं करने पर संबंधित अधिकारी के वेतन/मानेदय से 0.5 प्रतिशत की प्रतिदिन वसूली की जाएगी और यह पैसा मजदूरों के खाते में भेजा जाएगी। डीसी मनेरगा मृणाल सिंह ने बताया कि नई व्यवस्था लागू करने को लेकर शासन से सुझाव मांगे थे। संबंधित पत्र बीडीओ को भेजकर इस पर उनकी प्रतिक्रिया मांगी गई। सभी ने सहमति जताई है। जिसकी रिपोर्ट बनाकर शासन को भेज दी गई है।
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