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फसल में दवाई लगा रहें मजदूरों पर दहाड़ा बाघ
अमरिया क्षेत्र में एक खेत पर कीटनाशक दवाई का छिड़काव कर रहे थे दो मजदूर
वनकर्मियों ने पगचिन्ह ट्रेस कर, ग्रामीणों को किया सतर्क
अमर उजाला ब्यूरो
अमरिया(पीलीभीत) । टाइगर रिजर्व के जंगल से बाहर निकलकर अमरिया क्षेत्र में घूम रहे बाघ की चहलकदी लगातार जारी हैं। बुधवार को खेत में कीटनाशक का छिड़काव कर रहे मजदूरों के उस समय पसीने छूट गए जब पास के झाडिय़ों से बाघ की दहाड़ सुनाई दी। आननफानन में दौड़ लगाकर मजदूरों ने पास के फार्म हाउस में घुसकर जान बचाई। बाघ की मौजूदगी होने के शोरशराबा के बाद ग्रामीणों की भीड़ वहां जमा हो गई। सूचना के बाद वनकर्मियों ने जानकारी जुटाने के बाद बाघ के पगचिन्ह ट्रेस कर लोगों को सतर्क किया।
टाइगर रिजर्व के जंगल से बाहर निकलकर पिछले कई वर्षो से अमरिया तहसील क्षेत्र में घूम रहे बाघ के कुनबे का आतंक नहीं रुक रहा है। इसको लेकर चलाए जा रहे अभियान भी मात्र खानापूरी तक सीमित है। जिसके चलतें बाघ आबादी से सटे क्षेत्रों तक चहलकदमी कर रहे है। बुधवार को एक बार फिर बाघ अमरिया तहसील क्षेत्र गजरौला फार्म हाउस के निकट दस्तक दे डाली। यहां फार्म हाउस स्वामी पूर्व ब्लाक प्रमुख श्रवण दत्त सिंह के मुताबिक बुधवार सुबह खेत पर दो मजदूर नसीम नगर गांव निवासी इसरार अहमद व मोहम्मद जावेद कीटनाशक दवाई का छिड़ाव कर रहे थे। मजदूर जैसे ही दवा का छिड़काव करते हुए खेत के दूसरे छोर पर पहुंचे। पास की झाड़ियों में मौजूद बाघ ने दहाड़ लगा दी। बाघ की दहाड़ सुनते ही मजदूरों के पसीने छूट गए। आनन फानन में दोनों ने दौड़ लगाकर जान बचाई और कुछ दूरी पर स्थित फार्म हाउस में जा घुसे और घटना की जानकारी दी। बाघ की मौजदूगी की सूचना के बाद वहां भीड़ लग गई। इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। सूचना पर पहुंचे वनकर्मी मुश्ताक अहमद व चेतन कुमार ने मजदूरों से जानकारी जुटाकर बाघ के पगचिन्ह ट्रेस किए। वनकर्मी मुश्ताक ने बताया कि बाघ की निगरानी के साथ ग्रामीणों को सतर्क रहने व खेतों की ओर अकेले ना जाने की सलाह दी गई है।