आज के दौर में सोशल मीडिया जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है। इसका सर्वाधिक उपयोग युवाओं के बीच हो रहा है। सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म पर हर मिनट, हर घंटे, हर दिन नई जानकारियां अपलोड की जा रही है, लेकिन इस वर्चुअल वर्ल्ड में अब यह पता लगाना मुश्किल है कि कौन की जानकारी सही है और कौन सी गलत। इसके कंटेंट पर किसी का कंट्रोल न होने से गलत जानकारियों के साथ फोटो व वीडियो शेयर किए जा रहे हैं। आधी अधूरी जानकारियां युवाओं पर सकारात्मक प्रभाव के साथ नकारात्मक प्रभाव भी डाल रही हैं। इसको लेकर अमर उजाला ने जिले के युवाओं से रायशुमारी की तो अधिकांश ने सोशल मीडिया के अधिक उपयोग को टाइम की बर्बादी ही बताया।
सोशल मीडिया की मॉनीटरिंग के हो इंतजाम
सोशल मीडिया बहुत तेज गति से होने वाला संचार का माध्यम है। बहुत सारी जानकारियां भी मिलती है। इसकी मॉनीटरिंग न होने से इस पर भ्रामक जानकारियों की बाढ़ सी आ गई है। सरकार द्वारा इसकी मॉनीटरिंग के पुख्ता इंतजाम जरुरी हो गया है। - हर्षित मिश्रा
सोशल मीडिया का सीमित उपयोग करें युवा
सोशल मीडिया के माध्यम से फोटो व वीडियो की एडिटिंग कर समाज में भ्रम फैलाया जा रहा है। साइबर अपराध भी इसी के माध्यम से बढ़ते जा रहे हैं। इसका अधिक यूज टाइम की बर्बादी ही है। बेहतर होगा कि युवा इसका सीमित उपयोग ही करें। - याशिका शर्मा
..तो घातक सिद्ध हो सकता है सोशल मीडिया
सोशल मीडिया संचार का सर्वोत्तम माध्यम है और जानकारी प्राप्त करने का भी। यह एक ऐसा हथियार है जिसका उपयोग सावधानी पूर्वक न किया गया तो यह सामने वाले के साथ-साथ स्वयं के लिए भी घातक सिद्ध हो सकता है।- पूजा