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न तैयारी, न चिंता, इस बार भी पानी को तरसेंगे शहरवासी

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न तैयारी, न चिंता, पानी को तरसेंगे शहरवासी
तीन दशक पुराने संसाधनों से होगी पानी की सप्लाई
पेयजल सुधार को 16.6 करोड़ स्वीकृत, शुरू नहीं हो सका काम
23 पीबीटीपी 9, 10
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। शहरवासियों को इस बार भी गर्मी में पेयजल की समस्या से रूबरू होना पड़ेगा। वजह यह है कि नगर पालिका ने पेयजल की डिमांड पूरी करने को कोई तैयारी ही नहीं की हैं। हालांकि पेयजल व्यवस्था सुधार को अमृत योजना के तहत 16.6 करोड़ रुपये स्वीकृत हो चुके हैं, लेकिन धेले भर का काम शुरू नहीं कराया जा सका है। ऐसे में पालिका प्रशासन को मौजूदा संसाधनों के दम पर पानी की डिमांड पूरी करना आसान नहीं होगा।
शहर की आबादी बढ़कर करीब ढाई लाख हो चुकी है, लेकिन पालिका अभी तक तीन दशक पुराने संसाधनों से ही पानी की सप्लाई करता आ रहा है। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी आबादी के लिए मात्र चार ओवरहेड टैंक व 12 नलकूप ही हैं। वहीं पेयजल आपूर्ति के संसाधन भी काफी पुराने व कमजोर हो चुके हैं। हालांकि पालिका प्रशासन पेयजल व्यवस्था काफी हद तक दुरुस्त होने का दावा कर रहा है, लेकिन हकीकत इसके विपरीत है। आलम यह है कि लीकेज व जर्जर पाइप लाइनों के चलते मोहल्ला नखासा, दूधिया मंदिर, खकरा आदि मोहल्लों के अधिकांश घरों में पानी पहुंचता ही नहीं है और जहां पहुंचता भी है तो दूषित होने के कारण वह पीने लायक नहीं होता है।
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पालिका के रिकार्ड के मुताबिक शहर में 135 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पानी की डिमांड है, जबकि उपलब्ध संसाधनों के अनुसार 122 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन की सप्लाई की जा रही है। गर्मी के दिनों में यह पानी की डिमांड और भी बढ़ेगी।
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बजट स्वीकृत, शुरू नहीं हुआ काम
अमृत योजना के तहत शहर की पेयजल व्यवस्था को संजीवनी देने के लिए करीब 16.6 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इसके तहत दो ओवरहेड टैंक, दो अंडरग्राउंड स्टोरेज टैंक, तीन नलकूप, 46 किमी नई पाइप लाइन बिछाने व सभी घरों को पेयजल सप्लाई से आच्छादित किया जाना है। शासन द्वारा पहली किश्त के रुप में 2.81 करोड़ रुपये जल निगम को ट्रांसफर भी कर दिए गए, लेकिन अभी तक कार्य शुरू नहीं कराए गए। जल निगम के मुताबिक पहले निकाय चुनाव फिर उसके बाद टेंडर प्रक्रिया को लेकर मामला कोर्ट में होने के चलते देरी हुई है। अब पुन: टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। टेंडर होने के बाद कार्य तेजी से शुरू कराए जाएंगे।
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यह हैं संसाधन:
- यशवंतरी देवी ओवरहेड टैंक - 2250 किलोलीटर
- वाटरवर्क्स ओवरहेड टैंक - 450 किलोलीटर
- नकटादाना वाटर टैंक - 450 किलोलीटर
- आवास विकास कालोनी ओवरहेड टैंक - 340 किलो लीटर
- 12 नलकूप
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वर्जन:
सीमित संसाधनों से ही चल रहे प्रयास
पेयजल व्यवस्था के कायाकल्प को अमृत योजना के तहत धनराशि स्वीकृत की गई है। इसकी प्रथम किश्त जल निगम को ट्रांसफर की जा चुकी है। अभी फिलहाल सीमित संसाधनों से ही पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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सोमप्रकाश, जेई, जलकल विभाग, नगर पालिका
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टेंडर प्रक्रिया शुरू, जल्द शुरू होंगे कार्य
अमृत योजना के तहत पेयजल व्यवस्था सुधार को भेजे गए प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल चुकी है। पहली किश्त भी प्राप्त हो चुकी है। टेंडर प्रक्रिया का मामला कोर्ट में होने के चलते देरी हुई है। अब पुन: टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। टेंडर होते ही कार्य शुरू कराए जाएंगे।
मनीष गंगवार, सहायक अभियंता जल निगम
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