पीलीभीत। प्रशासन ने धान खरीद की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए अभी तक छह एजेंसियों के 60 केंद्रो को स्वीकृति दे दी गई है जबकि चार एजेंसियों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। इस बार धान बिक्री के लिए किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण भी कराना होगा।
धान की खरीद प्रति वर्ष पहली अक्तूबर से प्रारंभ होती है। इसके लिए प्रशासन ने तैयारियां शुरू करा दी हैं। जिला खरीद अधिकारी/एडीएम बृजकिशोर ने खरीद से जुड़ी संस्थाओं से बैठक के बाद क्रय केंद्रों के प्रस्ताव मांगे थे। इनमें छह एजेंसियों से 60 क्रय केंद्रों के प्रस्ताव मिलने पर प्रशासन ने उन्हें स्वीकृति दे दी जबकि अभी चार एजेंसियों के प्रस्ताव और मिलने हैं। इन्हें मिलाकर जिले में लगभग 90 क्रय केंद्र खोले जाने हैं। क्रय केंद्रों के निर्धारण के साथ ही राइस मिलों के सत्यापन का कार्य भी किया है। जल्द ही हैडलिंग ठेकेदार भी नियुक्त किए जाएंगे। डिप्टी आरएमओ डॉ अविनाश कुमार झा ने बताया कि डीएम के निर्देश पर इस पर गत वर्ष की खरीद के आंकड़ों के अनुसार क्रय केंद्रों का निर्धारण किया गया है।
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मंडी में भी कम होगी क्रय केंद्रों की संख्या
धान खरीद में इस बार मंडी के खरीद केंद्रों की संख्या काम किया गया है। अधिकारियों का तर्क है कि किसानों को गांव से काफी दूर चलकर मंडी आना पड़ता है और मंडी में धान सुखाने की कोई व्यवस्था नहीं होती ऐसे में गांव के आसपास ही क्रय केंद्र लगाकर खरीद कराने की योजना बनाई गई है।
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किसानों को कराना होगा पंजीकरण
डिजीटल युग में किसानों को कृषि विभाग के साथ अब खाद्य विभाग में भी अपना पंजीकरण करना होगा। इस बार धान खरीद में पंजीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। डिप्टी आरएमओ ने बताया कि विभागीय कार्यालय केे अलावा किसी भी सेवा केंद्र से किसान विभाग में ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं।
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धान खरीद की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस बार किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण कराना है। इसके लिए प्रचार प्रसार भी कराया जा रहा है।
- डॉ. अविनाश कुमार झा, डिप्टी आरएमओ