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राजस्व टीम को आर्थिक तंगी से जूझता मिला किसान परिवार

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हजारा/पीलीभीत। आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसान के ट्रेन से कटकर आत्महत्या करने के मामले की अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित खबर पर प्रशासन हरकत मेें आया है। डीएम के निर्देश पर सोमवार को नायब तहसीलदार अनुराग सिंह टीम के साथ आनन-फानन में गांव जा धमके। उन्होंने किसान की पत्नी, परिवार वालों, प्रधान, पूर्व प्रधान आदि से पूछताछ की। जांच के बाद उन्होंने बताया कि गन्ना मूल्य भुगतान न होने से किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। अब किसान की पत्नी को पारिवारिक लाभ योजना के तहत बीमा, विधवा पेंशन आदि का लाभ दिलवाने की संस्तुति कर रिपोर्ट उच्च अफसरों को सौंपी जाएगी।
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डीएम शीतल वर्मा ने आर्थिक तंगी से किसान के आत्महत्या की घटना को गंभीरता से लेकर नायब तहसीलदार अनुराग सिंह को टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जांच करने के निर्देश दिए थे। डीएम के निर्देश पर गांव नेहरूनगर पहुंचे नायब तहसीलदार ने किसान की विधवा मंशा देवी, देवर सुभाष, प्रधान रामाज्ञा, पूर्व प्रधान सिंहासन यादव, गांव के शैलेंद्र राय, पिंकू आदि से पूछताछ की। जांच के बाद नायब तहसीलदार ने बताया कि किसान निरंजन सिंह के तीन संतानें है। बच्चों की किताब मंगवाने की जिद पर किसान घर से बैंक की पासबुक लेकर गन्ना का भुगतान होने पर सामान लेकर लौटने की जानकारी देकर निकला था। उन्होंने बताया कि जांच में किसान परिवार के आर्थिक तंगी से जूझना पाया गया। किसान की विधवा को पारिवारिक बीमा का लाभ, विधवा पेंशन आदि का लाभ दिलवाने की संस्तुति कर उच्च अफसरों को रिपोर्ट दी जाएगी। ताकि किसान के परिवार को आर्थिक सहायता आदि लाभ मिल सके। टीम में नायब तहसीलदार के साथ राजस्व निरीक्षक सुमेर लाल, हल्का लेखपाल रामचंदर, रामासरे थे।
उधर, किसान के अंतिम संस्कार के दूसरे दिन भी गांव में किसान के आत्महत्या करने का मामला लोगों में चर्चा का विषय बना रहा। गांव में जगह-जगह एकत्र लोग किसान निरंजन यादव के व्यवहार आदि की चर्चा कर रहे थे।
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