एकाएक 180 यात्रियों के सामान के साथ पहुंचने पर डिपो के कर्मचारी चकरा गए। करीब आधा घंटा तक घंटे रहने के बाद बस की सुविधा न मिलने से यात्रियों में रोष पनपने लगा। तब ये यात्री रोडवेज के सामने वाले मार्ग पर आकर बैठ गए और हंगामा करने लगे। एआरटीओ के समझाने पर पांच मिनट बाद हट गए।
तीन बसों से भिजवाए गए यात्री
एआरटीओ वीरेंद्र कुमार ने बताया कि यात्रियों ने किराया देने से मना कर दिया । उनका कहना था कि उनके पास किराये के लिए रुपये नहीं हैं। इस पर उन्होंने यात्रियों को छोड़ने के लिए रोडवेज के एआरएम व आरएम से बात की। लेकिन वह बगैर किराये के बस भेजने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने अपने स्तर से तीन बसें की। तीन बसों में इन 180 लोगों को बैठाकर बहराइच भेजा गया। वर्जन
एआरटीओ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि बिना परमिट के बस का संचालन किया जा रहा है। बस को सीज किया गया। बस में करीब 180 यात्री सवार थे। तीन प्राइवेट बसों की व्यवस्था कर यात्रियों को भेजा गया।