राजीव गांधी सेवा केंद्रों में घोटाले का जिन्न ग्राम प्रधानों का पीछा
नहीं छोड़ रहा है। पहले प्रधानों के अधिकार सीज कर रिकवरी नोटिस जारी हुए
थे, अब नोटिस रिसीव न करने अथवा नोटिस रिसीव होने के बाद प्रदर्शित धनराशि
की अदायगी में हीलाहवाली पर बीसलपुर तहसीलदार ने क्षेत्र के 18 प्रधानों के
गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। इस कार्रवाई से प्रधानों में हड़कंप मचा
हुआ है।
राजीव गांधी सेवा केेंद्रों पर गड़बड़ी मिलने पर एक माह पूर्व
जिले के 178 ग्राम प्रधानों के अधिकार सीज कर रिकवरी नोटिस जारी किए गए थे।
इसमें नोटिस मिलने पर अधिकांश प्रधानों ने जवाब भी जिला प्रशसन को भेज दिए
हैं। इसमें बीसलपुर तहसील क्षेत्र के 34 ग्राम प्रधान भी शामिल हैं। इनमें
से मात्र 16 ने ही नोटिस रिसीव कर उसका जवाब दिया हैं। बाकी 18 ग्राम
प्रधानों में से कुछ ने जहां नोटिस रिसीव नहीं किए वहीं कुछ ने नोटिस मिलने
के बाद भी न तो जवाब दिया न ही प्रदर्शित धनराशि ही जमा की। नायब तहसीलदार
एमआर थारू ने बताया कि तहसील क्षेत्र के ग्राम पैनिया रामकिशन, भैंसहा
ग्वालपुर, जोगीठेर, खजुरिया पचपेड़ा, खमरिया पंडरी, शहपुरा, लखनऊ कलां,
दियोहना, रामनगर जगतपुर, अरसिया बोझ, महद खाद, रिछोला घासी, नगीपुर अखौला,
जसोली, भसूंड़ा, हाफिजनगर बन्हाई, बिहारीपुर कुमिरखा और मीरपुर ग्रंथ के
सभी 18 प्रधानों के गिरफ्तारी वांरट जारी किए गए हैं। तहसील प्रशासन की इस
कार्रवाई से प्रधानों में हड़कंप मचा हुआ है।
जवाब न देने वाले प्रधानों पर कार्रवाई तय
पीलीभीत।
राजीव गांधी सेवा केंद्रों में गड़बड़ी मिलने पर जिन 178 प्रधानों को
रिकवरी जारी किए गए थे उनमेें अधिकांश ने अपने जवाब भेज दिए हैं। विकास भवन
के मनरेगा कार्यालय को प्राप्त हो रहे इन जवाब की जांच के लिए डीएम के
निर्देश पर तीन सदस्यीय टीम बनाई गई है। जिसमें एक सहायक अभियंता, एक जेई
और संबंधित ब्लाक के तकनीकि सहायक को रखा गया है। पीडी मनरेगा डॉ. शिवाकांत
द्विवेदी ने बताया कि जो जवाब मिले हैं उनकी सत्यता जांची जा रही है वहीं
जिन प्रधानों ने नोटिस के जवाब नहीं दिए हैं उनपर जल्द कार्रवाई की जाएगी।