- शुक्रवार से खोजी अभियान के तहत चार लाख घरों का किया जाएगा सर्वे
- 35 सुपरवाइजर के नेतृत्व में 18 सौ से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां जुटीं
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए शासन के निर्देश पर खोजी अभियान शुरू किया गया है। अभियान में 176 टीमें लगाई गई हैं। इसमें 35 सुपरवाइजर और 18 सौ से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को जिम्मेदारी दी गई है। टीम डोर-टू-डोर पहुंचकर परिवार का सर्वे करने के साथ टीबी के लक्षणों को परखेगी। सभी का वश एप पर डाटा फीड किया जा रहा है।
खोजी अभियान के तहत पांच मार्च तक सर्वे किया जाएगा। जनपद के सातों ब्लॉकों में एक साथ काम शुरू किया गया है। जहां पहले से ही मरीजों मिल चुके हैं, ऐसे इलाकों को प्राथमिकता दी जा रही है। वर्तमान में करीब 1500 टीबी मरीजों का विभागीय स्तर से इलाज चल रहा है। मरीजों की देखरेख के लिए टीमों को लगाया गया है। नियमित इलाज कराने वाले मरीजों को केंद्र सरकार की योजना के तहत प्रति माह पांच सौ रुपये भी दिए जा रहे हैं।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. पारूल मित्तल ने बताया कि अभी पहले चरण में जनपद की कुल आबादी के बीस फीसदी हिस्से का सर्वे शुरू किया गया है। जिन इलाकों में पहले से ही टीबी मरीज मिलते रहे हैं, उन इलाकों में प्राथमिकता के साथ सर्वे कराया जा रहा है। इसके लिए 176 टीमें लगाई गई हैं। 35 सुपरवाइजर और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को लगाया गया है। पांच मार्च तक अभियान चलेगा। घर-घर पहुंचकर परिवार की सदस्यों की संख्या और टीबी के लक्षणों की जानकारी की जा रही है। संदिग्ध मरीज मिलने पर सुपरवाइजर द्वारा लैब में जांच की जाएगी। टीम द्वारा परिवार की जानकारी को वश एप पर भी फीड किया जाएगा। इसके लिए परीक्षण दिया गया है।
48 हजार लोगों की टीबी जांच में 342 में मिले संभावित लक्षण
पीलीभीत। अभियान के पहले दिन 48 हजार से अधिक लोगों की टीबी जांच की गई। इसमें 342 लोगों में टीबी के संभावित लक्षण मिले। दो की लैब में जांच की गई। जिसमें एक व्यक्ति में टीबी की पुष्टि हुई। संवाद