सड़क हादसों में लोग गंवा रहे जान, कागजों में फंसे इंतजाम
पीलीभीत। सड़क हादसों की बढ़ती संख्या शासन की सख्ती के बाद अफसरों ने दुर्घटनाओं के कारण और उनका निवारण तलाशना शुरू कर दिया है। इसके तहत पिछले पांच सालों का रिकार्ड खंगालने पर जिले में 24 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। ये ऐसे प्वाइंट हैं, जहां सड़क दुर्घटनाओं में सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं। सड़क सुरक्षा के तहत अधिकारियों ने मंथन कर कमियां तलाशी हैं। अफसरों ने इसका समाधान तलाशने के बाद जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी विभाग को सौंप दी है। मगर पीडब्ल्यूडी की लापरवाही के चलते हादसों को रोकने के लिए किया जाने वाला कार्य शरू नहीं हुआ है। जबकि आए दिन सड़क हादसों में लोगों की जान जा रही है। साल 2018 में 355 हादसों में 235 लोग गंभीर रुप से घायल हुए और 161 लोगों की जान गई।
ये हैं चिह्नित ब्लैक स्पॉट
नकटादाना चौराहा, यशवंतरी चौराहा, नेहरू पार्क से जिला अस्पताल, असम चौराहा से जिला अस्पताल, जंगरौली पुल, पौटा खमरिया, जंगरौली गांव, असम हाईवे का बरहा मोड़, पौटा खमरिया, बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल, कस्बा बरखेड़ा, पतरासा मोड़, जोगीठेर, परसिया, भड़रिया मोड़, टनकपुर हाईवे पर कस्बा न्यूरिया, बरेली हाईवे पर ललौरीखेड़ा, शाही, खमरिया पुल, कैंच, बिठौरा, मुड़ैलाकलां, मथना, पूरनपुर बाईपास कस्बा।
ये होने हैं काम
- हादसे कम करने के लिए चिह्नित स्थानों पर स्पीड ब्रेकर बनाए जाएंगे। जेबरा लाइन, संकेतांक बोर्ड, सड़कों का सुधार करने के साथ ही रिफ्लेक्टर लगाए जाने हैं। इसके अलावा सभी प्वाइंटों पर रेड लाइट का भी प्रस्ताव जा चुका है।
नियम उल्लंघन भी बन रहा हादसों की मुख्य वजह
हादसों की बढ़ती संख्या के पीछे वाहन चालकों में नियम उल्लंघन करने की आदत भी मुख्य वजह बन रही है। जान गंवाने वाले अधिकांश बाइकर्स होते हैं। ज्यादातर मौतों का कारण सिर में गंभीर चोटें आना होती हैं। बावजूद इसके 90 प्रतिशत बाइकर्स हेलमेट नहीं लगाते हैं। दोपहिया वाहन चलाते वक्त फोन पर बातचीत या फिर ट्रिपल राइडिंग से भी परहेज नहीं करते।
सड़क हादसों की रोकथाम के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नियमों की अनदेखी भी कई बार वजह बनती है। इसको लेकर भी वाहन चालकों को जागरूक किया जा रहा है। चिह्नित ब्लैक स्पॉट पर रेड लाइट, संकेतांक बोर्ड समेत कई काम होने हैं। इनकी जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी विभाग को दी गई है। उम्मीद है जल्द इस पर काम शुरू होगा।
- आलोक मिश्र, टीएसआई