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शासन से नहीं मिला धेला फिर भी चमक गई गोमती

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पीलीभीत। गोमती नदी की धारा को अविरल बहाने के साथ ही उद्गम स्थल को विकसित करने में जनसहभागिता के सार्थक परिणाम सामने आने लगे हैं। डीएम डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र की पहल पर आगे आए लोगों ने उद्गम स्थल पर खूबसूरत पार्क विकसित कर दिया है। लिहाजा अब गोमती उद्गम स्थल किसी पर्यटन स्थल से कम नजर नहीं आ रहा है। खास बात यह है कि गोमती के विकास के लिए शासन से धेलाभर भी बजट नहीं मिला हैं।
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गोमती नदी को पुनर्जीवित करने के लिए गत वर्ष दो अप्रैल को डीएम डॉ. अखिलेश कुुमार मिश्र ने श्रमदान से अभियान शुरू किया तो जनपद सीमा तक के सभी गांवों के लोग इसमें शरीक हो गए। प्रशासनिक अमला भी पूरी लगन से कार्य को अंजाम देने में जुटा। नतीजा भी सफल रहा जनपद सीमा तक गोमती नदी की खुदाई कर दी गई। वहीं अविरल धारा बहाने साथ ही उद्गम स्थल के विकास के लिए भी प्रयास शुरू किए गए। विकास कार्यों की रफ्तार कम न हो सके, इसके लिए गोमती ट्रस्ट का गठन किया गया। ट्रस्ट का अध्यक्ष कलीनगर एसडीएम को बनाया गया। इसके बाद से उद्गम स्थल के विकास कार्यों में तेजी आई। अब वहां धार्मिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाने लगा है।
गोमती मंदिर का कराया गया निर्माण
ट्रस्ट के गठन के बाद लखनऊ से मूर्तिकारों की टीम गोमती उद्गम स्थल पर पहुंची। टीम ने एक माह रुकने के बाद गोमती मैया की प्रतिमा तैयार की। वहीं, गोमती उद्गम स्थल के प्रांगण में ही एक मंदिर का निर्माण भी करा दिया गया है। इसके बाद गोमती मैया की प्रतिमा को मंदिर में स्थापित कर दिया गया।
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खूबसूरत पार्क बना आकर्षण का केंद्र
गोमती उद्गम स्थल की श्रद्धालुओं की रौनक बढ़े, इसके लिए खूबसूरत पार्क विकसित किया जा रहा है। खजूर और चंदन के वृक्षों से सजे इस पार्क में फव्वारे और बच्चों के आनंद को बढ़ाने के लिए झूले भी लगाए गए हैं। पार्क विकसित होने के बाद से गोमती उद्गम स्थल की रौनक और भी बढ़ गई है। इधर, उद्गम स्थल के प्रांगण के बीच से एक झरना भी विकसित किया जा रहा है।
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