महिला उत्पीड़न जनसुनवाई के दौरान दिए सख्त निर्देश
पीलीभीत। राज्य महिला आयोग की सदस्य शशिबाला भारती ने आशा ज्योति केंद्र में महिला उत्पीड़न संबंधी मामलों की समीक्षा की। जनसुनवाई के दौरान प्राप्त नौ शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उत्पीड़न की शिकार महिलाएं व्हाट्सएप के जरिए भी राज्य आयोग में अपनी शिकायत घर बैठे आसानी से दर्ज करा सकती हैं।
बुधवार सुबह करीब 11 बजे आशा ज्योति केंद्र पहुंचने के बाद सबसे पहले सदस्य शशिबाला भारती ने समीक्षा के दौरान ही पीड़ित महिलाओं से उनकी समस्याओं केे प्रत्येक पहलुओं के विषय में विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हुए सीओ योगेंद्र कुमार, महिला एसओ आदि को मामले की प्राथमिकता के आधार पर जांच के निर्देश दिए। पूरनपुर के एक मामले में एसपी से फोन पर संपर्क कर कार्रवाई कराने के लिए कहा। जनसुनवाई में कुल नौ पीड़ित महिलाओं ने अपनी समस्याओं से सदस्य को अवगत कराया। जिसमें अधिकतर मामले घरेलू हिंसा, ससुराल वालों द्वारा घर से निकाल दिए जाने, पति के तलाक देेने, दहेज आदि से संबंधित थे। बैठक में हेल्पलाइन नंबर 181 के तहत प्राप्त शिकायतों पर की गई कार्रवाई व लंबित विवेचनाओं की गहनता से समीक्षा की। सदस्य ने कहा कि महिलाओं की शिकायत आती है कि पुलिस और प्रशासन सुनवाई नहीं कर रहा, उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा रही है। ऐसे में वह आयोग द्वारा जारी व्हाट्सएप नंबर-6306511708 पर आधार कार्ड नंबर के साथ अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है। उन्होंने बताया कि व्हाट्सएप पर मिलने वाली शिकायतों को बिल्कुल उसी तरह से संज्ञान में लिया जाएगा जैसे कि अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों को लिया जाता है। कहा कि यह सुविधा खासतौर पर उन महिलाओं के लिए बड़ी मददगार साबित होगी जो दूर-दराज इलाकों में रहती हैं। बैठक में समाज कल्याण अधिकारी एमके सिंह, सीओ सदर योगेंद्र कुमार, डीपीओ अरविंद कुमार, एसीएमओ डॉ. अश्वनी गुप्ता, महिला एसओ, आशा ज्योति केंद्र की मैनेजर कंचन जोशी, संरक्षण अधिकारी मीनाक्षी पाठक, सोना शर्मा, रेनू शर्मा, आस्था ज्योति आदि मौजूद रहे।