गजरौला/पीलीभीत। गजरौला क्षेत्र के अंतर्गत आबादी क्षेत्र के पास बाघ की चहलकदमी बनी हुई है। सोमवार आधी रात के बाद जंगल से बाहर निकला बाघ क्षेत्र के लालपुर गांव की सीमा में पहुंच गया। यहां गांव के बाहरी हिस्से में रह रहे ग्रामीणों में उस समय दहशत फैल गई जब गन्ने की फसल से बाघ के दहाड़ने की आवाज आने लगी। दहशत के चलते ग्रामीण आग के सहारे रात काटने पर मजबूर हैं।
माला रेंज के बाहर निकल रहे बाघों की जंगल सीमा से लेकर आबादी क्षेत्र के निकट तक चहलकदमी बनी हुई है। बाघों की बढ़ती सक्रियता के चलते ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। सोमवार रात बाघ क्षेत्र के लालपुर गांव की सीमा में पहुंच गया। यहां गांव निवासी जसबीर सिंह के खेत में पहुंचे बाघ ने दहाड़ लगानी शुरू कर दी। दहाड़ की आवाज सुनकर गांव के बाहरी हिस्से में रह रहे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। डर के चलते बचाव के तरीके अपनाते हुए ग्रामीणों ने आग जलाना शुरू कर दी। हालांकि बाघ रात को ही आगे की ओर निकल गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन महकमे को नहीं दी। बीट प्रभारी ने बताया कि सत्यवीर संधू ने बताया कि लालपुर गांव की सीमा में बाघ की चहलकदमी की कोई सूचना वन विभाग को नहीं दी गई है।