शोषण पर भड़के सफाईकर्मी, किया प्रदर्शन
ठेका प्रथा समाप्त कर संविदा सफाईकर्मियों की भर्ती की मांग
मांगें पूरी न होने पर 15 से होगा आमरण अनशन
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अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। ठेका प्रथा में कार्य कर रहे सफाई कर्मियों के हो रहे शोषण के विरोध में सफाई कर्मियों ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी सफाई कर्मियों ने दस दिन के भीतर मांग पूरी न होने पर 15 मई से आमरण अनशन की चेतावनी दी।
सफाई मजदूर संघ के बैनर तले शुक्रवार को कई सफाईकर्मी नगर पालिका कैंपस में एकत्र हुए। यहां सफाई कर्मियों ने हो रहे आर्थिक व मानसिक शोषण के विरोध में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सभा हुई। जिसमें संघ के राष्ट्रीय महासचिव विकास वाल्मीकि ने कहा कि पिछले दस सालों से ठेका सफाई मजदूरों का शोषण किया जा रहा है। इन सफाई मजदूरों को रोजाना 284 रुपए मिलने वाला मानदेय भी नहीं दिया जा रहा है। आरोप है कि पालिका का एक बाबू सफाई कर्मियों का शोषण कर सरकारी रकम को बंदरबांट कर रहा है। कहा कि शासनादेश के मुताबिक इन कर्मियों को 8520 मानदेय मिलना चाहिए, लेकिन सफाई मजदूरों को मात्र दो या तीन हजार रुपये ही दिए जा रहे हैं। संगठन के माध्यम से अब पालिका प्रशासन के खिलाफ आर पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। जिलाध्यक्ष मुकेश वाल्मीकि ने कहा कि पालिका प्रशासन दस दिन के भीतर ठेका प्रथा समाप्त कर संविदा सफाई कर्मियों की भर्ती करें। यदि मांग पूरी नहीं हुई तो 15 मई से पालिका परिसर में आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। साथ ही पालिका अध्यक्ष व ईओ को उनके कक्ष में बैठने नहीं देंगे। प्रदर्शन करने वालों में मंडल संयोजक जग्गोदेवी, प्रदेश सचिव अभिषेक महाजन, रमनबाबू, विनय वाल्मीकि, संजीव, सुरेंद्र, अरुण कुमार, अन्नो देवी, राहुल आदि रहे।