अमरिया में तीन स्थानों और गजरौला के शिवनगर में मिले पगचिह्न
पीलीभीत। जंगल से बाहर घूम रहे बाघ किसानों के लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं। शनिवार को अमरिया क्षेत्र के कुर्रा और भूड़ा में बाघ के पदचिह्न देखे गए। वहीं, इसी क्षेत्र के बिरहनी फार्म में बाघ से बचने को नीलगाय संदीप सिंह के फार्म हाउस में घुस गई। उधर, गजरौला थाना क्षेत्र के गांव शिवनगर में गेेहूूं के खेत में बाघ के पगचिह्न मिले हैं।
अमरिया क्षेत्र में बाहर घूम रहे बाघों से निजात दिलाने को विभाग अथवा शासन ने अब तक कोई ठोस रणनीति नहीं बनाई है, जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। वहीं, जंगल की तार फेसिंग न होने से भी वन्यजीवों के पीछे बाघ जंगल से बाहर आ रहे हैं। बाघ निगरानी के लिए गठित सामाजिक वानिकी की टीम ने शनिवार को अमरिया क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान ग्राम कुर्रा में देवहा नदी के किनारे और भूड़ा गांव में प्रधान बलवीर के गेहूं के खेत में बाघ के पगचिह्न पाए गए। वन विभाग की टीम ने इन दोनों गांव के अलावा बख्शपुर में ग्रामीणों के साथ बैठक कर बाघ से बचाव के तरीके समझाएं, साथ ही मुख्यमंत्री वृक्ष धन योजना का पंजीकरण करवाया।
मझोला। बिरहनी निवासी किसान संदीप सिंह ने बताया कि एक बाघ क्षेत्र में पिछले 4-5 दिनों से घूम रहा है, लेकिन विभाग इसकी सुध नहीं ले रहा है। शनिवार सुबह उसने एक नीलगाय का पीछा किया। बाघ से बचने को नीलगाय उनके फार्म हाउस में घुस गई। आहट होने पर उन लोगों ने शोर मचाया जिस पर नीलगाय फार्म हाउस से बाहर निकली। उन्होंने बताया कि बाघ की चहलकदमी से काफी दहशत है और खेतों पर निकलना मुश्किल हो रहा है।
गेहूं के खेत पर पहुंचा बाघ
गजरौला। थाना क्षेत्र के शिवनगर में शनिवार दोपहर एक बाघ गांव निवासी महिपाल सिंह के खेतों में पहुंच गया। बाघ को देखकर दूसरे खेत में काम कर रहे मजदूर शोर मचाते हुए भाग गए। महिपाल सिंह ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। कुछ देर बाद माला रेंज की टीम मौके पर पहुंची और खेत में बने पगचिह्न को ट्रेस किया।
अमरिया क्षेत्र में पहले से ही छह बाघ घूम रहे हैं, जिनकी नियमित निगरानी की जा रही है। इसके अलावा जहां से भी सूचना मिलती है टीम भेजकर जांच कराई जा रही है।
- आदर्श कुमार, डीएफओ, सामाजिक वानिकी