पीलीभीत। अवैध वसूली संबंधी वीडियो वायरल होने के मामले में प्राधिकृत नियंत्रक द्वारा एसकेजेपी इंटर कॉलेज बीसलपुर के निलंबित किए गए लिपिक गौरव को प्रभारी डीआईओएस गजेंद्र कुमार ने बहाल कर दिया। वहीं जेडी के निर्देश पर कॉलेज के प्राधिकृत नियंत्रक को हटा दिया गया।
अप्रैल में सोशल मीडिया पर एसकेजेपी गर्ल्स इंटर कॉलेज बीसलपुर के लिपिक गौरव का वीडियो वायरल हुआ था। कॉलेज के प्राधिकृत नियंत्रक श्यामा कुमार के मुताबिक वायरल वीडियो में लिपिक द्वारा एक छात्रा से 330 रुपये व दूसरी छात्रा से 30 रुपये लेते हुए दिखाया गया। इस पर प्राधिकृत नियंत्रक ने छह अप्रैल को दोषी पाते हुए निलंबित कर दिया था। निलंबन कार्रवाई के बाद जांच के लिए तीन बार कॉलेज के प्राधिकृत नियंत्रक को बुलाया गया। बताते हैं कि इसको लेकर निलंबित लिपिक गौरव तो पहुंचे लेकिन प्राधिकृत नियंत्रक एक बार भी नहीं पहुंचे। इधर दो माह की समय सीमा के भीतर साक्ष्य आदि प्रस्तुत न होने पर प्रभारी डीआईओएस गजेंद्र कुमार ने निलंबित चल रहे लिपिक गौरव को बहाल कर दिया।
वहीं संयुक्त शिक्षा निदेशक के निर्देश पर कॉलेज के प्राधिकृत नियंत्रक श्यामा कुमार को हटा दिया गया। उनके स्थान पर राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य बबिता रानी को कॉलेज का प्राधिकृत नियंत्रक बनाया है। इस संबंध में प्रभारी डीआईओएस ने बताया कि यदि कोई कर्मचारी आचरण संहिता का उल्लंघन करता है तो उसे नोटिस जारी किया जाता है, लेकिन ऐसा न कर लिपिक को सीधे निलंबित कर दिया गया। वहीं दो माह के भीतर अनुमोदन फाइल पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इन सबकेे चलते निलंबित चल रहे लिपिक को बहाल किया गया है।