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अव्यवस्थाओं के बीच शुरू हुआ मेलार्थियों का सफर

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अव्यवस्थाओं के बीच शुरू हुआ मेलार्थियों का सफर
चंद बोगियों के सहारे दौड़ रहीं ट्रेनें
रेल महकमा तीर्थयात्रियों को सुविधाएं देने में नाकाम
रोजाना बड़ी तादाद में पहुंच रहे हैं तीर्थयात्री
13 पीबीटीपी 1 से 5 तक
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। मां पूर्णागिरि मेला शुरू होते ही रेलवे जंक्शन पर गैर प्रांतों से से आने वाले तीर्थयात्रियों का सैलाब उमड़ने लगा है। करीब तीन माह तक चलने वाले इस मेले के दौरान ट्रेनों में काफी भीड़ रहती है। तीर्थयात्रियों की बढ़ती तादाद को देखते हुए रेल महकमा हर साल तमाम सुविधाएं मुहैया कराता है, लेकिन इस बार महकमा सुविधाएं देने में नाकाम साबित हो रहा है। ऐसे में तीर्थयात्रियों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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यात्रियों की तादाद बढ़ी, नहीं बढ़ी बोगियां
पूर्णागिरि मेले को लेकर यात्रियों की तादाद बढ़ती जा रही है, लेकिन मैलानी व शाहजहांपुर रूट पर आने जाने वाली मीटरगेज ट्रेनों में बोगियों की संख्या आज भी पांच, छह ही है। ऐसे में अधिकांश यात्रियों को खड़े होकर ही सफर करना पड़ रहा है।
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फर्श पर दिन गुजारने को मजबूर तीर्थयात्री
रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्मों पर बेंचों की कमी के चलते यहां पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों को फर्श पर बैठकर ही समय गुजारना पड़ रहा है। सर्वाधिक परेशानी मीटरगेज प्लेटफार्म पर है। यहां प्लेटफार्म का कार्य अधूरा होने के चलते बेंच ही नहीं हैं। यात्रियों को मिट्टी के ढेर पर ही बैठकर ट्रेनों का इंतजार करना पड़ रहा है।
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अंधेरे में ठोकर खाते हैं तीर्थयात्री
मेले को लेकर रेलवे स्टेशन के लगभग सभी प्लेटफार्मों पर तीर्थयात्रियों की भीड़ जमा रहती है। प्लेटफार्मों ये लेकर ओवरब्रिज के कुछ हिस्से में अक्सर प्रकाश व्यवस्था नहीं रहती है। जिससे यात्रियों को अंधेरे में बैठना पड़ रहा है। प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त न होने से यात्री असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
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नहीं लग सका अतिरिक्त काउंटर
तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेल प्रशासन द्वारा टिकटघर में अतिरिक्त विंडो की व्यवस्था की जाती है, लेकिन यहां अभी तक तीन विंडो से काम चलाया जा रहा है। जिस कारण तीर्थयात्रियों को धक्कामुक्की के बीच ही टिकट लेना पड़ रहा है। हालांकि महकमे के मुताबिक यात्रियों की संख्या न होने के कारण तीन विंडो से काम चलाया जा रहा है।
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13 पीबीटीपी 7
ट्रेनों में अब सुविधाएं रही ही नहीं। जो बोगियों चलती भी हैं, उनमें न तो लाइट होती है और न ही सफाई। यात्रियों को मजबूरन समस्याओं के बीच ही सफर करना पड़ रहा है।
सुरेश कुमार, रेलयात्री
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13 पीबीटीपी 7
प्लेटफार्मों पर बैठने की भी व्यवस्था नहीं है। मेन प्लेटफार्म से मीटरगेज प्लेटफार्म जाने को जो ओवरब्रिज बनाया गया है वह भी काफी दूरी पर है। दिव्यांगों व बुजुर्गों के लिए यहां कोई व्यवस्था नहीं है।
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हरीशचंद्र, रेलयात्री
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वर्जन:
रेल महकमे द्वारा यात्रियों को सुविधाएं देने के पूरे प्रयास किया जा रहे हैं। प्लेटफार्म दो का निर्माण अभी अधूरा है। इसी वजह से वहां बेंच नहीं हैं। जहां कमियां हैं उन्हें दुरुस्त किया जा रहा है। यात्रियों की संख्या पर ही अतिरिक्त टिकट विंडो की व्यवस्था कराई जाएगी।
धर्मेंद्र कुमार, स्टेशन अधीक्षक
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