‘भागवत मात्र कथा नहीं, यह जीवन दर्शन है’
श्रीमद्भागवत कथा से पूर्व निकाली गई कलशयात्रा
गौरीशंकर मंदिर में शुरू हुआ आयोजन
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अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। गौरीशंकर मंदिर में श्रीमद्भागवत कथामृत कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। इसके लिए सुबह ब्रह्मचारी घाट से कलश यात्रा निकाली गई। कथावाचक शिवानंद शास्त्री ने भागवत का महत्व बताते हुए कि भगवान श्रीकृष्ण ने इसमें जीवन जीने की कला को समाहित किया है। संसार के कष्टों का निवारण इसमें छिपा है।
दिव्य अलौकिक धाम सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के लिए सुबह स्वामी शिवानंद शास्त्री की देखरेख में बड़ी संख्या में श्रद्धालु ब्रह्मचारी घाट पर एकत्र हुए। मंत्रोच्चार के साथ देवहा नदी से कलश में जल भरने के बाद कलश यात्रा प्रारंभ हुई। कार्यक्रम स्थल गौरीशंकर मंदिर पहुंचने पर जल भरे कलश को स्थापित किया गया। दोपहर बाद कथा प्रारंभ हुई। कथावाचक स्वामी शिवानंद शास्त्री ने कहा कि भागवत एक मात्र कथा नहीं है यह जीवन दर्शन है। भगवान कृष्ण की लीलाओं के माध्यम से मनुष्य को सांसारिक जीवन जीने का मार्ग इसमें दिखाया गया है। इसके सुनने मात्र से ही कष्ट दूर हो जाते हैं। इस दौरान उन्होंने कपिल परीक्षित जन्म और शुकदेव आगमन की कथा सुनाई। इस दौरान विपिन मिश्र, मनोज मिश्रा, शानू शर्मा, अंशुमन तिवारी, सौरभ शास्त्री, रामबाबू सहित कई लोग थे। आयोजन समिति के अंशुमान तिवारी ने बताया कि शनिवार को भारत गौरव कला सांस्कृतिक मंत्रालय के निदेशक पंडित पुलकित मिश्रा भी कार्यक्रम में पहुंच रहे हैं।