बीसलपुर। गांव गूंगा के गन्ना सेंटर के लिए सहकारी गन्ना विकास समिति द्वारा भेजा गया गन्ने का ऑफर द्वारिकेश चीनी मिल फरीदपुर ने वापस कर दिया है, जिसके कारण इस सेंटर पर 13 दिन बाद भी गन्ने की तौल शुरू नहीं हो सकी है। इससे किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला बरेली के गांव गूंगा का गन्ना सेंटर वर्ष 2000 से सहकारी गन्ना विकास समिति बीसलपुर के अधीन है। पिछले 16 वर्षों से इस सेंटर पर गन्ने की तौल सुनिश्चित कराने के लिए सहकारी गन्ना विकास समिति संबंधित चीनी मिल को गन्ने का ऑफर भेजती रही है। इसी क्रम में समिति कर्मचारियों ने इस पेराई सत्र में भी इस गन्ना सेंटर पर गन्ने की तौल सुनिश्चित करने के क्रम में संबंधित द्वारिकेश चीनी मिल फरीदपुर को गन्ने का ऑफर भेजा। चीनी मिल के अधिकारियों ने यह कहकर गन्ने का ऑफर अस्वीकार करते हुए समिति कार्यालय को वापस भेज दिया कि गांव गूंगा सहकारी गन्ना विकास समिति बरेली के क्षेत्र में है। ऑफर वापस आ जाने से इस केंद्र पर अभी तक गन्ने की तौल शुरू नहीं हो पाई है, जिसके कारण गन्ना सेंटर से जुड़े गांवों के किसानों को अपना गन्ना तुलवाने में काफी दिक्कत हो रही है। इस अव्यवस्था को लेकर किसानों में संबंधित अधिकारियों के प्रति रोष है। इस बीज जागरूक किसानों ने चीनी मिल और गन्ना विभाग के अधिकारियों से कई बार संपर्क साधकर तौल शुरू कराने की मांग की, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। इस बाबत गन्ना विकास परिषद के एससीडीआई धर्मेंद्र प्रसाद दुबे ने बताया कि गूंगा गन्ना सेंटर को लेकर विवाद चल रहा है, जो बहुत जल्द निस्तारित हो जाएगा।