नई मशीन न आने से ठप पड़ी है रेशम फैक्ट्री
फैक्ट्री चालू होने से आठ जिलों को मिलेगा लाभ
मुनिराज सिंह
पीलीभीत। वर्षों से बंद पड़ी रेशम फैक्ट्री को चलाने के लिए करीब एक वर्ष पूर्व नई मशीन खरीदने की स्वीकृति शासन से मिली थी। इससे पीलीभीत में एक बार फिर से रेशम धागा उत्पादन की उम्मीद जगी थी, लेकिन अभी तक नई मशीन नहीं मिली है, जिससे उत्पादन नहीं हो पा रहा है। रेशम फैक्ट्री शुरू होने से पीलीभीत सहित आठ जनपद में उत्पादित कोया से रेशम धागा बनाया जाएगा।
जिले में करीब दो दशक पूर्व टनकपुर रोड पर रेशम फैक्ट्री की स्थापना की गई थी। प्रारंभ में कीट उत्पादक किसानों से एकत्र किए गए कोकून (कोया) से रेशम का धागे का निर्माण कराया जाता था, लेकिन कुछ साल चलने के बाद ही मशीन खराब हो गई जिससे उत्पादन ठप हो गया। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व पुरानी मशीन को नीलाम कर नई मशीन खरीदने की स्वीकृति शासन ने दी थी। इसके बाद प्रक्रिया शुरू की गई लेकिन कछुआ गति से चल रही सरकारी प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है। करीब आठ माह पूर्व कबाड़ बन चुकी मशीन नीलाम होने के बाद यहां से हटा दी गई, लेकिन अब तक नई मशीन की खरीद नहीं हो पाई है। हालांकि शासन ने इसके लिए 22 लाख रुपये स्वीकृत कर दिए है जिसपर टेंडर प्रक्रिया जारी किया है। उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी तीन चार माह में रेशम फैक्ट्री पुन: चालू होगी जिससे यहां रेशम उत्पादन शुरू हो सकेगा।
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फैक्ट्री भवन का भी होगा जीर्णोद्धार
रेशम फैक्ट्री की कबाड़ मशीन हटने के बाद अब विभाग ने नई मशीन स्थापित करने से पहले भवन का जीर्णोद्धार करने की तैयारी की है। इसके लिए प्रस्ताव स्वीकृत हो गया है। चुनाव बाद इस पर काम शुरू होगा।
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आठ जिलों को मिलेगा लाभ
रेशम फैक्ट्री शुरू होने पर पीलीभीत सहित आठ जनपदों क्रमश: शाहजहांपुर, बरेली, बदायूं, मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा और संभल के रेशम कीट पालक किसानों को लाभ मिलेगा। इन जिलों में उत्पादित कोये से इस फैक्ट्री में ही रेशम धागा बनाया जाएगा।
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जिले में जुड़े हैं 600 किसान
रेशम विभाग की मदद से जिले में लगभग 600 किसान जुड़े हैं। इन किसानों के 250 क्लस्टर बनाए गए हैं। यह किसान रेशम कोये का उत्पादन कर विभाग के माध्यम से गोंडा, बहराइच एवं अन्य जनपदों से आने वाले व्यापारियों के हाथों अपना कोया बेचते हैं। फैक्ट्री शुरू होने इन किसानों का कोया भी इसी फैक्ट्री में बिक जाएगा।
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रेशम फैक्ट्री को पुन: चालू करने के लिए नई मशीन खरीदने को स्वीकृति मिल गई है। रेशम निदेशालय ने इसका टेंडर भी जारी कर दिया है। जल्द ही नई मशीन स्थापित कराकर रेशम धागे का उत्पादन शुरू कराया जाएगा।
एमके गौतम, रेशम अधिकारी