फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टीकाकरण के दौरान इंजेक्शन लगने के बाद बच्ची की मौत

विज्ञापन
inject - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विज्ञापन
पीलीभीत। मरौरी ब्लॉक के गांव अमखेड़ा में नियमित टीकाकरण के दौरान एएनएम द्वारा इंजेक्शन लगाने के कुछ देर बाद 15 दिन की बच्ची की मौत हो गई। जबकि दो बच्चों की हालत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। सिटी मजिस्ट्रेट व सीएमओ ने अस्पताल पहुंचकर बच्चों का हाल जाना। सीएमओ के निर्देश पर गांव पहुंचे डॉक्टरों ने मृत बच्ची के परिवार वालों से जानकारी ली। सीएमओ ने बताया कि बच्ची का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। परिवार वालों की सूचना पर इंजेक्शन लगाने वाली एएनएम अनिल अग्रवाल को पुलिस ने हिरासत में लिया है। घटना के बाद से क्षेत्र के लोगों में दहशत है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं व बच्चों को नियमित टीकाकरण के तहत प्रत्येक बुधवार व शुक्रवार को टीकाकरण किया जाता है। इसके तहत डिप्टथीरिया, काली खांसी, टिटनेस, बीसीजी, हेपेटाइटिस ए व बी समेत सात टीके लगाए जाते हैं। शुक्रवार को अमखेड़ा गांव में एएनएम अनिल अग्रवाल द्वारा बच्चों को बीसीजी आदि के टीके लगाए गए। गांव निवासी वीरेंद्र की 15 दिन की पुत्री बबली को उसकी दादी मुन्नी देवी टीका लगवाने पहुंचीं। टीका लगवाने के बाद मुन्नी देवी बच्ची को लेकर घर पहुंचीं। वीरेंद्र ने बताया कि घर पहुंचने के बाद बबली अचानक रोने लगी और कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। टीका लगने के कुछ देर बाद ही बच्ची की मौत पर गांव में हड़कंप मच गया। इस बीच गांव निवासी किशनलाल की ढाई वर्षीय पुत्री सावित्री व विशन लाल के तीन माह के पुत्र प्रांजल की भी हालत बिगडने लगी। इन दोनों बच्चों को दोपहर करीब दो बजे के आसपास एएनएम द्वारा इंजेक्शन लगाए गए थे। हालत बिगड़ने पर सावित्री व प्रांजल के परिवार वाले उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। टीकाकरण के दौरान एक बच्ची की मौत होने व अन्य की तबियत खराब होने की सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट अवधेश मिश्रा, सीएमओ डॉ. ओपी सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. सीएम चतुर्वेदी जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने दोनों बच्चों की हालत जानी और परिवार वालों से भी बातचीत की। सीएमओ ने बताया कि दोनों बच्चों को टीकाकरण के बाद मामूली बुखार आदि आया था। अब दोनों सामान्य है। फिलहाल दोनों बच्चों के स्वास्थ्य पर लगातार निगाह रखी जा रही है।
विज्ञापन

00
सीएमओ के निर्देश पर दो डॉक्टर पहुंचे गांव
सीएमओ डॉ. ओपी सिंह ने डॉ. प्रशांत कुमार व डॉ. एएच अंसारी को तत्काल गांव जाकर मृत बच्ची बबली के परिवार वालों से बातचीत कर स्थिति जानने के निर्देश दिए। जिसके बाद दोनों डॉक्टरों ने गांव जाकर मृत बच्ची के पिता वीरेंद्र समेत अन्य परिवार वालों से बातचीत की। डॉ. प्रशांत ने बताया कि बबली का जन्म 19 अक्तूबर को पीलीभीत के प्राइवेट अस्पताल में हुआ था। बच्ची ऑपरेशन के जरिए पैदा हुई थी। बच्ची सामान्य थी या नहीं इसकी अभी जानकारी नहीं लग सकी है।
00
एएनएम को लिया पुलिस हिरासत में
डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि एएनएम अनिल अग्रवाल द्वारा टीकाकरण किया गया था। टीकाकरण के दौरान इस्तेमाल की गई वैक्सीन की जांच की जाएगी। एएनएम अनिल अग्रवाल को पुलिस हिरासत में लिया गया है।
00
इंजेक्शन लगने के बाद बिगड़ी हालत
गांव निवासी विशन लाल ने बताया कि एएनएम द्वारा प्रांजल को दो इंजेक्शन लगाए गए थे। इंजेक्शन लगने के करीब 15 मिनट बाद प्रांजल की तबियत खराब होने लगी। तबसे लगातार वह रोता रहा।
00
इंजेक्शन लगने के कुछ देर बाद आया तेज बुखार
गांव के ही किशन लाल ने बताया कि टीकाकरण के दौरान पुत्री सावित्री को भी टीका लगाया गया। टीका लगने के कुछ देर बाद ही उसे तेज बुखार आ गया। एक उल्टी भी हुई। सावित्री की हालत बिगड़ती चली गई।
0000
मृत बच्ची के पोस्टमार्टम के बाद स्थिति होगी स्पष्ट
मृत बालिका बबली 15 दिन की थी। डॉक्टरों द्वारा की गई जांच में बालिका की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। मृत बालिका का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इसके अलावा वैक्सीन की भी जांच की जाएगी।
विज्ञापन

डॉ. ओपी सिंह, सीएमओ
00
टीकाकरण के बाद बुखार आना सामान्य बात
नियमित टीकाकरण के तहत बीसीजी, डीपीटी समेत नौ इंजेक्शन लगते हैं। इसमें काली खांसी से बचाव के लिए लगाए जाने वाले डीपीटी इंजेक्शन से किन्हीं बच्चों में बुखार आने की संभावनाएं रहती हैं। इसके लिए एएनएम को पैरासिटामॉल गोली दी जाती है। बुखार आदि आने पर घबराएं नहीं।
डॉ. सीएम चतुर्वेदी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
---
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें