जंगल से सटे क्षेत्रों में बाघ की चहलकदमी बढ़ती जा रही है। मंगलवार को सुबह न्यूरिया थाना क्षेत्र के खरौसा गांव में बाघ की चहल-कदमी देखी गई। सूचना पर डीएफओ टीम के साथ पहुंचे। उधर सोमवार शाम माला क्षेत्र में गढ़ा के निकट बाघ की चहल-कदमी की सूचना पर रेंजर ने हाथी से गश्त की।
न्यूरिया थाना क्षेत्र के गांव खरौसा निवासी लालमन मंगलवार को सुबह मजूदरों के साथ गन्ने की बुवाई करने अपने खेत पर गया था। खेत से कुछ पहले उन्हें बाघ चहल-कदमी करते दिखा। बाघ को देख लालमन और मजदूरों ने शोर मचाया। इस पर बाघ पड़ोस में ही लालमन के गन्ने के खेत में चला गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना पर डीएफओ टाइगर रिजर्व कैलाश प्रकाश, सामाजिक वानिकी आदर्श कुमार, वन दरोगा नवनीत यादव, अंकित कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने खेत का निरीक्षण किया। इसमें बाघ के पदचिह्न मिले। डीएफओ ने क्षेत्र में कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्टाफ तैनात कर गांव वालों से भी सतर्क रहने की अपील की है। उधर दोपहर को अलीगंज और बिहारीपुर क्षेत्र में भी बाघ दिखने की सूचना पर वन विभाग की टीम पहुंची लेकिन कुछ नहीं मिला। इधर गजरौला क्षेत्र में माला रेंज की गढ़ा बीट के निकट बाघिन के दो शावकों की चहलकदमी जारी है। सोमवार शाम को इसकी सूचना मिलने पर रेंजर डीके श्रीवास्तव ने डिप्टी रेंजर वजीर के साथ हाथी पर बैठकर जंगल से सटे क्षेत्र में गश्त की। वन विभाग के अफसरों का कहना है कि बाघ की सूचना पर सर्च अभियान जाररी है, ग्रामीणों को सतर्क किया गया है।