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घर में घुसा भालू, कमरे में बंद होकर महिला ने बचाई जान

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माधोटांडा/पीलीभीत। जंगल से निकले भालू की बाइफरकेशन कॉलोनी में दहशत लगातार बढ़ती जा रही है। अब दिन में भी भालू के कॉलोनी में आ धमकने से लोग परेशान हैं। शनिवार सुबह नौ बजे जंगल से निकला भालू गेस्टहाउस के निकट स्थित सिंचाई कर्मी राकेश के घर में घुस गया। उस वक्त दरवाजा खुला था। राकेश की पत्नी ओमवती घरेलू कार्य कर रही थी। अचानक भालू को सामने देख उनके होश उड़ गए। उन्होंने जान बचाने के लिए खुद को कमरे में बंद कर लिया। शोर शराबे पर कॉलोनी के लोग एकत्र हो गए। इसके बाद भालू को बमुश्किल जंगल की ओर खदेड़ा गया।
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बराही और महोफ रेंज के जंगल के बीचोबीच सिंचाई विभाग की कॉलोनी बसी है। यहां नहरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे सिंचाई कर्मी परिवारों के साथ रहते हैं। जंगल क्षेत्र होने के बावजूद कॉलोनी की सीमाएं खुली हैं। इधर चार दिन पूर्व से कॉलोनी में भालू की दस्तक से दहशत है। रात के समय जंगल से निकलकर भालू कॉलोनी में खड़े पेड़ पर जामुन खाने के लिए पहुंच रहा है। इधर, बाइफरकेशन स्थित सिंचाई विभाग के गेस्टहाउस के निकट सिंचाई कर्मी राकेश का मकान है। शनिवार सुबह करीब नौ बजे जंगल से निकला भालू राकेश के घर में घुस गया। उस समय राकेश की पत्नी ओमवती घर में मौजूद थीं। भालू पर नजर पड़ते ही उनके पसीने छूट गए। भालू के आगे बढ़ने से पहले ही ओमवती ने खुद को कमरे में बंद कर लिया और शोर मचा दिया। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए। लाठी डंडे फटकारने के बाद भालू जंगल की ओर चला गया। भालू की लगातार दस्तक से कॉलोनी वासियों में दहशत है। इस मामले में वन कर्मियों के कोई कदम न उठाने से लोगों में आक्रोश है।

जरा देर की चूक हो जाती तो हमला कर देता भालू
पीलीभीत। घर में भालू देख जान बचाने के लिए खुद को कमरे में बंद करने वाली ओमवती अब भी दहशत में है। उनका कहना है कि घर में घुसे भालू पर समय रहते नजर पड़ गई और अपना बचाव कर लिया, वरना भालू हमला कर देता। भालू के घर में घुसने की घटना को याद कर वह अब भी सिहर जाती है। ब्यूरो
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भालू की दहशत में रात भर जाग रहे कॉलोनीवासी
माधोटांडा/पीलीभीत। जंगल से बाहर निकलकर बाइफरकेशन स्थित कॉलोनी में भालू की चहलकदमी रुकने का नाम नहीं ले रही है तो रोकथाम के लिए टाइगर रिजर्व की ओर से कोई प्रयास नहीं किए जा रहे है। जिसके चलते कॉलोनीवासी खुद की सुरक्षा करने के लिए रातभर जागने पर मजबूर हैं।
बाइफरकेशन में वैसे तो भालू की चहलकदमी पूर्व से ही देखी जाती रही है। यहां भालू नहर पुल से मुस्तफाबाद जाने वाले रास्ते के अलावा चूका बीच जाने वाले रास्ते पर अक्सर दिखाई देता रहा है। कई बार तो नहर पुल से होकर भालू सिंचाई विभाग के बैरियर के निकट तक पहुंच गया था। इधर चार दिन पूर्व भालू जंगल से बाहर निकलकर कॉलोनी में खड़े पेड़ पर जामुन खाने के लिए पहुंच रहा है। भालू की सक्रियता को देखते हुए वनकर्मियों को भी सूचना दे दी गई है, लेकिन इसके बावजूद वनकर्मी गंभीर नहीं हैं। जिसके चलते सुरक्षा के दृष्टिगत कॉलोनीवासी रात में जाग कर भालू की निगरानी करने को मजबूर हैं।

ऐसे बढ़ती की गई भालू की दहशत
जंगल से बाहर निकलकर बाइफरकेशन स्थित सिंचाई विभाग की कॉलोनी में भालू की दस्तक से भले ही कॉलोनीवासी दहशत में है, लेकिन वन विभाग इसको लेकर शुरू से अंजान बना हुआ है। यही वजह रही कि भालू रात के बाद दिन में भी कॉलोनी के एक घर में पहुंच गया। दो दिन पूर्व रात के समय जंगल से बाहर निकला भालू राम नारायण के घर में बाहर पहुंच गया। जामुन खाने के लिए पेड़ पर चढ़े भालू को देख घर में मौजूद महिला गुड़िया के पसीने छूट गए थे। इसके बाद शुक्रवार रात भालू फिर उसी पेड़ के निकट पहुंच गया। कॉलोनी के लोगों ने एकत्र होकर भालू को जंगल की ओर वापस किया। इधर शनिवार दिन में ही भालू ने सिंचाई कर्मी राकेश के घर में दस्तक देकर दहशत फैला दी। गनीमत रही कि भालू को देखते ही महिला कमरे में बंद हो गई।

अतिरिक्त टीम करेगी भालू की निगरानी
भालू की सक्रियता बढ़ने की सूचना मिली है। इसको गंभीरता से लेते हुए वनकर्मियों की अतिरिक्त टीमों को लगाया जा रहा है। जो रात को भी भालू की चहलकदमी पर नजर रखेंगी। कॉलोनीवासियों को भी सतर्क रहने की अपील की गई है।
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- प्रवीण खरे, एसडीओ, पीलीभीत टाइगर रिजर्व
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