माधोटांडा। शारदा सागर डैम से निकलने वाली सब्सिडरी हरदोई ब्रांच नहर में तीन माह बाद गुरुवार को नहर में पानी छोड़ दिया गया। हेड के जर्जर फाटकों को बदलने के बाद व्यवस्थाओं को सुचारू किया गया है। नहर में पानी छोड़ने से प्रदेश के दस से अधिक जनपदों की कृषि फसलों में सिंचाई को पानी का लाभ मिल सकेगा।
शारदा डैम से निकलने वाली सब्सिडरी हरदोई ब्रांच नहर के हेड की स्थिति लंबे समय से जर्जर थी। हेड के फाटक खराब होने से पानी का फालतू बहाव जारी रहता था। इसको दुरुस्त करने के लिए लंबे समय से विभागीय प्रयास तो किए गए, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी थी। इस सबके चलते अफसरों ने जर्जर फाटकों को बदलने के लिए प्रस्ताव तैयार कर उच्च स्तर पर भेजा। तीन माह पूर्व इसपर मंजूरी मिल गई। जिसके बाद से ही बरेली सिंचाई कार्यशाला की टीम ने हेड पर कार्य शुरू कर दिया। जर्जर फाटकों को निकलने के साथ पानी के बहाव को रोकने के लिए जेसीबी मशीन की मदद से डैम के अंदर मिनी बैराज का रूप दिया। तीन माह तक चले कार्य के बाद पूर्व में जर्जर फाटकों को बदल दिया गया। इधर गुरुवार को विभागीय अफसरों की देखरेख में सब्सिडरी हरदोई ब्रांच नहर में पानी छोड़ दिया गया। अभियंताओं के मुताबिक नहर में पानी छोड़ दिया गया है। हेड की स्थिति मजबूत है। नहर में पानी छोड़ने से हरदोई ब्रांच नहर का दबाव कम कर दिया जाएगा।