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यहां तो सिस्टम ही नहीं चाहता लोगों को मिले बेहतर इलाज

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पीलीभीत। केंद्र और प्रदेश सरकार लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने की हरसंभव कोशिश कर रही है, लेकिन सिस्टम इसे लेकर गंभीर नहीं है। एडी हेल्थ के निरीक्षण में खामियां मिलने पर जिस अर्बन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) को छह महीने पहले शिफ्ट करने का दावा किया गया था, उस पर आज तक अमल नहीं हो सका है। पीएचसी शिफ्ट नहीं करने की एक मुख्य वजह स्वास्थ्य विभाग के रिटायर्ड कर्मी के भवन में पीएचसी का संचालन होना बताया गया है।
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बारिश शुरू हो गई है, लेकिन मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें, इसको लेकर अफसर गंभीर नहीं है। मामला शहर के जोशी टोला स्थित स्वास्थ्य विभाग के एक रिटायर्ड कर्मी के किराए के भवन में संचालित अर्बन पीएचसी का है। पिछले साल एडी हेल्थ ने इसका निरीक्षण किया था। बेहद संकरी गली और गंदगी के बीच पीएचसी का संचालन किए जाने पर उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से नाराजगी जताई थी। इसके बाद भवन की तीन सदस्यीय टीम से जांच कराई गई। जांच में पीएचसी को शीघ्र ही नए भवन में शिफ्ट करने की रिपोर्ट सीएमओ को सौंपी गई। इसके बाद जोशी टोला मोहल्ले में ही एक किराए के भवन को देखा गया, इसमें पीएचसी के संचालन की सहमति मिलने पर सीएमओ को प्रस्ताव दिया गया, लेकिन सीएमओ कार्यालय में चल रहे बाबूराज के चलते फाइल ठंडे बस्ते में डाल दी गई। दरअसल, पीएचसी स्वास्थ्य विभाग के रिटायर्ड कर्मी के भवन में किराए पर संचालित है, लिहाजा सीएमओ दफ्तर के ही कुछ बाबू नहीं चाहते हैं कि पीएचसी कहीं और शिफ्ट हो।

डॉक्टर सहित आठ कर्मियों की है तैनाती
कहने को शहर और स्थिति गांव से बदतर। यह उस पीएचसी का हाल है जहां डॉक्टर समेत आठ स्वास्थ्य कर्मियों का स्टाफ है। पीएचसी की मेनटेनेंस का कार्य देखने वाले डॉ. आरके सिंह का कहना है कि पीएचसी शिफ्ट करने की कवायद लंबे समय से चल रही है, लेकिन एडी हेल्थ, सीएमओ के आश्वासन के बाद भी हालात जस के तस है। डॉक्टर, स्टाफ के अलावा यहां तक पहुंचने में मरीजों और उनके तीमारदारों को भी काफी दिक्कत उठानी पड़ती है। जिस गली में पीएचसी संचलित है, एंबुलेंस तक नहीं पहुंच सकती। गंभीर मरीजों को तो सीधे जिला अस्पताल लेकर पहुंचना पड़ता है।
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15 हजार रुपये वसूला जा रहा मासिक किराया
जिस स्वास्थ्य विभाग के रिटायर्ड कर्मी के भवन में पीएचसी पांच साल से संचलित हो रही है, उसका करीब 15 हजार रुपये मासिक किराया वसूला जा रहा है। सीएमओ को भी इसकी जानकारी है। सूत्रों की मानें तो करीब चार माह पूर्व पीएचसी नए भवन में शिफ्ट की जानी थी, लेकिन सीएमओ कार्यालय में चल रहे बाबूराज ने कमीशखोरी के चक्कर में भवन को खाली नहीं करने दिया।

अर्बन पीएचसी की स्थिति ठीक है, लेकिन गली कम चौड़ी होने और पीएचसी के अंदर जगह कम होने की वजह से कई दिक्कत आ रहीं हैं। संभवता अगले महीने तक नए भवन में पीएचसी शिफ्ट हो जाएगी। इसकी तैयारियों पूरी कर ली गई हैं। शासन को भी पत्र भेजकर अवगत कराया जा रहा है।
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- डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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