पीलीभत। अब सरकारी गोदामों से कोटेदार खुद राशन नहीं ले जा पाएंगे। उनकी दुकान तक ट्रैक्टर ट्रॉली से राशन पहुंचाया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक गोदाम पर जीपीएस से लैस ट्रैक्टर लगाए जाएंगे, जिनकी लखनऊ से निगरानी होगी। वर्तमान में गोदाम से राशन ले जाने की जिम्मेदारी कोटेदार की होती है। आए दिन कोटेदार पर रास्ते में कालाबाजारी करने के आरोप लगते थे। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार ने व्यवस्था में बदलाव किया गया है। जिले में सभी सात गोदामों में ट्रैक्टर लगाने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
जिले में 888 सरकारी राशन की दुकानें हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्र में 848 ग्रामीण और 48 शहरी क्षेत्र में हैं। इन दुकानों में राशन में उपलब्ध कराने के लिए पूरनपुर, अमरिया, मरौरी, बीसलपुर समेत सभी आठ ब्लाक स्तर पर गोदाम बने हैं। इन गोदामों से प्रत्येक माह राशन उठान होता है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार कोटेदार निर्धारित तिथियों में ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर गोदाम पहुंचते हैं वहां उन्हें निर्धारित मात्रा के अनुसार राशन दिया जाता है। इसमें कई बार कोटेदारों पर रास्ते में ही कालाबाजारी करने का आरोप लगता है। शासन स्तर पर भी इस तरह की शिकायतें लगातार पहुंच रही हैं। जिसके चलते अब जल्द ही इस व्यवस्था में बदलाव होने जा रहा है। गोदाम से राशन लेेने की जिम्मेदारी कोटेदार की नहीं रहेगी। खाद्य एवं विपणन विभाग ट्रैक्टर ट्रॉली से प्रत्येक माह राशन कोटेदार की दुकान तक पहुंचाएगा। वहां कोटेदार राशन रिसीव करेगा। इसके लिए प्रत्येक ब्लाक स्तर के गोदाम पर ट्रैक्टर लगाए जाएंगे। ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया विभाग ने शुरू कर दी है। ट्रैक्टरों में जीपीएस लगेगा उसकी लखनऊ से सीधे मॉनीटरिंग होगी। गोदाम से राशन लेकर निर्धारित रूट से ट्रैक्टर निकलेगा। इसकी पूरी लिखा-पढ़ी होगी। वहीं दुकान तक पहुंचने का समय दूरी के अनुसार निर्धारित होगा। इसके लिए संबद्ध किए जाने वाले ट्रैक्टर मालिकों को प्रति क्विंटल के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। गोदामों से कोटेदार के घर तक राशन पहुंचाए जाने की नई व्यवस्था कालाबाजारी की शिकायतों को खत्म करने के लिए की जा रही है।
जिले के सभी गोदामों में ट्रैक्टर लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। यह प्रक्रिया संपन्न होने के बाद नई व्यवस्था के अनुसार सरकारी दुकानों तक राशन पहुंचाया जाएगा।
-एपी सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी,