वाहन की टक्कर से बाइक
सवार दो लोगों की मौत
बनकटी रोड पर मेवातपुर गांव के पास हुआ हादसा
अमर उजाला ब्यूरो
न्यूरिया (पीलीभीत)। रिश्तेदारी से लौट रहे बाइक सवार किसान और उसके चचेरे भाई की वाहन की चपेट में आकर मौत हो गई। हादसा बनकटी रोड पर मेवातपुर गांव के पास हुआ। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल स्थित मोर्चरी में रखवा दिया गया है। वह बाइक चलाते वक्त हेलमेट लगाए थे।
न्यूरिया थाना क्षेत्र के शिवपुरिया गांव निवासी 35 वर्षीय ओमपाल पुत्र तेजराम खेती करते थे। सोमवार को वह अपने मामा पप्पू के घर माधोटांडा क्षेत्र के पैगा गांव गए थे। उनके साथ चचेरा भाई 18 वर्षीय विकास पुत्र नैनसुख भी था। रात करीब नौ बजे दोनों बाइक से वापस घर के लिए निकले। बनकटी रोड पर मेवातपुर गांव के पास पहुंचते ही उनको किसी वाहन ने टक्कर मार दी। इसमें दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर दोनों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भिजवाया गया, वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। खबर मिलने पर परिजन भी आ गए। जिसके बाद न्यूरिया पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवा दिया है। इंस्पेक्टर बिरजाराम ने बताया कि शव का मंगलवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। तहरीर मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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...काश मान ली होती पिता की बात
न्यूरिया (पीलीभीत)। बनकटी रोड पर हुए हादसे में रिश्तेदारी से लौट रहे चचेरे-तहेरे भाई शिवपुरिया गांव निवासी ओमपाल और विकास की मौत के बाद परिवार में चीख पुकार मच गई है। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल रहा। वहीं जिला अस्पताल पहुंचे ओमपाल के पिता तेजराम फूट-फूटकर रोए। उनको साथ आए ग्रामीण ढाढ़स बंधाने में जुटे रहे।
उन्होंने बताया कि जब ओमपाल और विकास घर से मामा के घर जाने के लिए रवाना हो रहे थे तो उन्होंने उनको मना भी किया था। इसके पीछे कोई खास कारण तो नहीं था, लेकिन पिता उनको आज जाने से रोकना चाह रहे थे। अब हादसे के बाद हर कोई यही कहता दिखाई दिया कि काश..उस वक्त पिता की बात मानकर दोनों रुक गए होते। मृतक ओमपाल की कच्ची गृहस्थी है। उसके का बेटा राहुल है। पति के घर आने का इंतजार कर रही शीला को जब हादसे का पता चला तो उस पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वह बदहवाश सी हो गई। उसको परिजन संभालते रहे।
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रफ्तार फिर बनी हादसे का सबब
एक बार फिर हादसे के पीछे तेज रफ्तार अहम वजह रही है। बाइक कौन चला रहा था, यह बात तो अभी कोई बता नहीं सका, लेकिन इतना जरूर मौके पर मिला उनका हेलमेट भी टूट गया है। इससे हादसे की भीषणता का अंदाजा पुलिस भी लगाती रही।
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बीत पांच साल के हादसों के आंकड़े
वर्ष हादसे घायल मृतक
2014 370 249 136
2015 345 256 126
2016 376 287 155
2017 409 314 166
2018 355 235 161