फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीन सदस्यीय डॉक्टरों की टीम करेगी मामले की जांच

विज्ञापन
विज्ञापन
पीलीभीत। जिला अस्पताल में ऑपरेशन के नाम पर मरीजों से वसूली करने वाला चिकित्सक स्वास्थ्य विभाग के निशाने पर है। सीएमओ के बाद अब सीएमएस ने प्रकरण को गंभीरता से लिया है। आरोप लगाने वाले मरीजों से जानकारी जुटाने के बाद तीन सदस्यीय डॉक्टरों की टीम जांच के लिए गठित की है। माना जा रहा है कि जांच अगर ठीक से हुई तो चिकित्सक पर गाज गिरना तय है। इलाज में पैसे की समस्या आड़े न आए इसके लिए सरकार ने आयुष्मान योजना की शुरूआत की है। जिसमें गरीबों को पांच लाख तक का मुफ्त इलाज की सुविधा है। प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शुमार आयुष्मान योजना को कुछ चिकित्सकों ने कमाई का जरिया बना लिया। रविवार को जिला अस्पताल में दो प्रकरण सामने आए थे, जिसमें जिला अस्पताल में भर्ती न्यूरिया की हरकिशनापुर निवासी भगनवादेई के परिजनों ने पेट में गांठ के ऑपरेशन के नाम पर पांच हजार रुपये और शाहजहांपुर निवासी सलीम के बच्चादानी का ऑपरेशन करने पर सर्जन डॉ. पीके अग्रवाल पर आठ हजार रुपये लेने का आरोप लगाया था। सीएमओ ने प्रकरण की जांच के लिए एसीएमओ को जिम्मेदारी सौंपी। इधर, सोमवार को अखबारों में चिकित्सक की करतूत उजागर होने के बाद हड़कंप मच गया। सुबह सीएमएस डॉ. रतनपाल सिंह सुमन ने मरीजों से जानकारी जुटाई। दावा किया मरीजों ने रुपये वसूली की बात स्वीकार नहीं की है। हालांकि जांच के लिए सीएमएस ने तीन सदस्यीय डॉक्टरों की टीम गठित की है। टीम में वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. सीबी चौरसिया, रेडियोलॉजिस्ट डॉ. जगदीश प्रसाद व सर्जन आरएस यादव शामिल हैं। 15 दिन में जांच टीम आख्या देगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें