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शहर में उर्से हशमती और उर्से मुशाहिदी का आगाज

Wed, 31 Oct 2018 07:04 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत
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शहर में अहले सुन्नत मौलाना मोहम्मद हशमत अली खां के 60 वें उर्से हशमती और साबिक मुफ्ती ए शहर मौलाना मुफ्ती मोहम्मद मुशाहिद रजा खां के 21 वेें उर्से मुशाहिदी का बुधवार को आगाज हो गया। पहले दिन परचम कुशाई की रस्म अदा की गई। जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की।
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शहर के आस्तान-ए-हशमतिया और मुशाहिदिया में हर साल की तरह इस बार भी उर्से हशमती और उर्से मुशाहिदी का शान ओ शौकत से आगाज किया गया। सज्जादानशीन मौलाना मोहम्मद जरताब रजा खां हशमती ने बुधवार को उर्स का आगाज परचम कुशाई से किया गया। उन्होंने सभी को उर्स की मुबारकबाद दी और देश में अमन ओ अमान की दुआ फरमाई। इस मौके पर मौलाना मुफ्ती बुरहान रजा खां, हाफिज इसरार, हाफिज अकील, हाफिज मुजीब, नाहिद हसन खां समेत बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। सज्जादानशीन ने बताया कि उर्स के दूसरे दिन यानी एक नवंबर को बाद नमाज-ए-फज्र हल्का शरीफ और बाद नमाजे ईशा ऑल इंडिया तरही मुशायरा होगा।
दो नवंबर को बाद नमाजे फज्र हल्का शरीफ, सुबह नौ बजे से दो बजे तक तक तकरीरी प्रोग्राम और दोपहर तीन बजे चादर शरीफ जुलूस निकाला जाएगा। बाद नमाजे ईशा तकरीरी प्रोग्राम होगा जो रात दो बजे तक चलेगा। तीन नवंबर को सुबह साढ़े आठ बजे नातिया प्रोग्राम होगा। तीन बजे आखिरी कुल और फातिहा का प्रोग्राम होगा।
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इंसानियत की हो सियासत
आस्तान ए हशमतिया व मुशाहिदिया के सज्जादानशीन मौलाना मोहम्मद जरताब रजा खां हशमती ने कहा कि देश में राम मंदिर और बाबरी मस्जिद के नाम पर सियासत नहीं बल्कि इंसानियत के नाम पर सियासत होनी चाहिए। यह बात उन्होंने बुधवार को एक प्रेसवार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खात्मे को जो काम भाजपा सरकार कर रही है, ऐसे काम दुनिया के अन्य मुल्क भी करने लगे तो आतंकवाद का जड़ से खात्मा हो जाएगा।
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