खेकड़ा (बागपत)।
किसान वैज्ञानिक तरीका अपनाकर धान की अच्छी नर्सरी तैयार कर सकते हैं। ऐसा करने से धान में कोई बीमारी नहीं आएगी और पैदावार भी अच्छी होगी। किसानों को पौध तैयार करने में सावधानी बरते की जरूरत है। किसान दो तरह से नर्सरी तैयार कर सकते हैं। शुष्क और गीली नर्सरी।
कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रभारी गजेंद्र पाल सिंह ने बताया यदि किसान को एक एकड़ धान की रोपाई के लिए 100 वर्ग मीटर नर्सरी एरिया की आवश्यकता होती है। 100 वर्ग मीटर एरिया के लिए पांच किलो धान बीज की जरूरत है। बीज उपचार के लिए आठ लीटर पानी लें, इसमें 8 ग्राम बेविस्टीन और 1 ग्राम स्ट्रेप्टो साइक्लीन दवाई डालकर उसमें पांच किलो बीज को 18 घंटे के लिए भिगो दें। कुछ समय बाद खाली व आधे भरे दाने पानी की सतह पर आ जाएंगे। इन्हें बाहर निकाल दें। 18 घंटे बाद बीज को पानी से बाहर निकाल कर गीली बोरी में 24 घंटे के लिए अंकुरित होने के लिए रख दें। आधा किलो जिंक जुताई से पहले डालें।
कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रभारी गजेंद्र पाल सिंह ने बताया कि पूसा बासमती 1121 और पूसा बासमती 1509 की नव पौध 25 से 30 दिन की आयु में तैयार हो जाती है। पूसा 1121 की नर्सरी की बीजाई जून के पहले सप्ताह और पूसा बासमती की बीजाई जून 25 तक पूरी कर लें। जब तक नवपौध हरी न हो जाए, पक्षियों से होने वाले नुकसान के लिए सावधानी भरते। उच्च तापमान की स्थिति में ज्यादा देर तक पानी खड़ा न होने दें । नर्सरियों की क्यारियों की सिंचाई शाम को करें। बुआई के 12.14 दिन बाद एक किलो यूरिया प्रति 100 वर्ग मीटर की दर से सप्ताह के अंतराल पर छिड़काव करें। नर्सरी में पीलापन नजर आए तो यह लोहे की कमी लक्षण हो सकते हैं, ऐसी स्थिति में 10 लीटर पानी में 50 ग्राम फेरस सल्फेट डालकर एक सप्ताह के अंतराल पर एक दो बार जलीय छिड़काव कर दें। नर्सरी उखाड़ने के एक सप्ताह पहले नाइट्रोजन उर्वरकों की पूरी मात्रा का प्रयोग कर लें, ताकि नर्सरी का आधार मजबूत हो सके। नर्सरी उखाड़ने से पहले क्यारी को पानी से भर लें, ताकि नव पौध की जड़ न टूटे। नव पौध को आराम से उखाड़ा जाए कमजोर बीमार और अन्य किस्मों की नवपौध को हटा दें। नव पौधों को किसी मुलायम रस्सी पांच से आठ सेंटीमीटर व्यास वाले सुविधाजनक बंडलों में बांध लें और उनकी जड़ को पानी में डुबोकर रखे।
25 से 30 दिन में तैयार हो जाती है नर्सरी
दो तरह से तैयार की जा सकती है धान की नर्सरी
1 शुष्क नर्सरी जिस भूमि पर नर्सरी तैयार की जानी है उसे तीन से चार बार जोत लें, ताकि मिट्टी भूर भूरी हो जाए और सतह समतल हो जाए। दो मीटर चौड़ी और दस मीटर लंबी क्यारियां तैयार कर लें। इन्हें पानी से भर लें और उनमें पहले से सात अंकुरित बीज छिड़क दें। नालियों और मेड़ को बंद कर लें ताकि पानी क्यारियों से बाहर न आए जाए।
2 गीली नर्सरी में पुष्ट और स्वस्थ नव पौध तैयार होती है और खरपतवार की समस्या भी कम होती है। गीली जुताई से पानी भी क्यारी की सतह के नीचे कम मात्रा में रिसता है। खेत की तैयारी के लिए खेत की जुताई की स्थिति में आने के बाद दो तीन बार हैरो तथा क्लटीवेटर से जुताई कर लें। खेत में पानी भर के 2.3 तीन गीली जुताई करते हुए पलटा लगा दें। नर्सरी में तल छत को नीचे बैठने में के लिए 4.8 घंटे का समय दें। खड़े पानी में पहले से अंकुरित बीच छिड़क दें। बुआई के समय क्यारी में पानी का स्तर एक से पांच सेंटीमीटर होना चाहिए।