पीलीभीत। पहली अक्तूबर को न्यूरिया क्षेत्र में हुए बाघ के हमले को वन विभाग जंगल के अंदर और ग्रामीण खेत में बता रहे हैं। अब वन विभाग दोनों स्थानों से एकत्र किए गए खून के नमूूनों की जांच कराएगा।
न्यूरिया थाना क्षेत्र के खरगापुर के निकट पहली अक्तूबर को गांव न्यूरिया खुर्द निवासी 44 वर्षीय बबलू सरकार पर बाघ ने हमला कर मार डाला था। ग्रामीणों के अनुसार बाघ ने खेत में पेड़ काटते समय बबलू पर हमला किया था और खेत में ही उसकी मौत हुई है। वहीं वन विभाग ने अपनी जांच में हमले को जंगल में डेढ़ किमी अंदर पाया है। डीएफओ के अनुसार बबलू गांव के ही कुछ साथियों के साथ महोफ के कंपार्टमेंट 116 ए में लकड़ी काट रहा था जहां ने बाघ ने उसे शिकार बनाया। जंगल में कई जगह खून भी मिला है। जमीन पर पड़े होने के साथ छोटे पौधे के पत्तों पर भी खून के धब्बे पाए गए थे। इस पर डीएफओ ने जांच के दौरान मौजूद ग्राम प्रधान नरेंद्र कुमार की मौजूदगी में खून के नमूने एकत्र कराए।
डीएफओ कैलाश प्रकाश ने बताया कि खेत व जंगल में मिले खूून के नमूने एकत्र किए गए हैं। दोनों स्थानों के नमूनों की जांच कराई जाएगी। इसके लिए उच्चाधिकारियों से अनुमति मांगी गई है। नमूनों की जांच में स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी।
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