पीलीभीत। आपदा जोखिम न्यूनीकरण के तहत पंचायती राज प्रणाली के सशक्तीकरण के लिए चल रहे चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तीसरे दिन प्रशिक्षुओं को आपदा प्रबंधन योजना की विस्तार से जानकारी दी गई।
ग्राम्य विकास संस्थान में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम में विश्व बैंक के यूपी, बिहार और झारखंड के सलाहकार विवेक कुमार गंगवार ने गांव की आपदा प्रबंधन योजना तथा इसके अंतर्गत होने वाली विभिन्न समितियों के निर्माण में सभी का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने को कहा। कहा, आपदा प्रबंधन के समय जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष या उनके द्वारा नामित किसी को भी असीमित शक्तियां होती हैं तथा जानमाल के नुकसान को कम करने के लिए कोई भी निर्णय किसी की भी सहायता के लिए, किसी भी भवन का अधिग्रहण, अस्थाई संचार प्रणाली स्थापित करने के लिए निर्देशित कर सकता है। उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन एक अनिवार्य सेवा है। इसमें लापरवाही या अपने दायित्व से विमुख रहने पर दोष सिद्ध होने पर कारागार और जुर्माने दोनों से दंडित हो सकता है। मास्टर ट्रेनर लक्ष्मीकांत शर्मा, जसवंत कुमार सक्सेना, विपिन कुमार, सर्वेश कुमार, पंकज कुमार ने भी प्रशिक्षुओं को आपदा प्रबंधन तथा आपदा प्रबंधन प्रस्ताव का ग्राम सभा द्वारा अनुमोदन तथा नवीनीकरण जरूरी बताया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शनिवार को समापन होगा।